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‘अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग किसी देश की जागीर नहीं’, बहरीन में ईरान को अमेरिकी विदेश मंत्री की दो टूक

Marco Rubio on Hormuz Strait Tolls: अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने ईरान को चेतावनी दी है कि अगर होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर टोल लगाया गया तो इससे दुनिया के अन्य अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग भी प्रभावित होंगे और वैश्विक स्तर पर अराजकता फैल सकती है।
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भारत

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Rahul Yadav

Jun 25, 2026

Marco Rubio

Marco Rubio

Marco Rubio on Strait of Hormuz: अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने बहरीन में गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (GCC) की बैठक के दौरान कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों पर किसी भी देश को टोल या शुल्क लगाने की अनुमति नहीं दी जा सकती। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ऐसा हुआ तो इसका असर दुनिया के दूसरे समुद्री रास्तों पर भी पड़ेगा और वैश्विक व्यापार व्यवस्था में अराजकता फैल सकती है।

खाड़ी देशों को भरोसा दिलाने बहरीन पहुंचे थे रुबियो

मार्को रुबियो अपनी तीन दिवसीय खाड़ी यात्रा के अंतिम चरण में बहरीन पहुंचे। यह दौरा अमेरिका और ईरान के बीच हुए प्रारंभिक समझौता ज्ञापन (MoU) के बाद हुआ है। इस यात्रा का उद्देश्य खाड़ी देशों को यह भरोसा दिलाना था कि ईरान के साथ होने वाली किसी भी संभावित डील से उनकी सुरक्षा और हितों पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

बहरीन में रुबियो ने वहां के अधिकारियों और गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (GCC) के प्रतिनिधियों से मुलाकात की। इस बैठक में क्षेत्रीय सुरक्षा, ईरान के साथ चल रही वार्ता, होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित और निर्बाध समुद्री आवाजाही तथा मिडिल ईस्ट में शांति और स्थिरता जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।

अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग किसी देश की जागीर नहीं

बैठक को संबोधित करते हुए रुबियो ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग किसी एक देश की संपत्ति नहीं हैं। अगर यह स्वीकार कर लिया जाए कि कोई देश अपने क्षेत्र के पास होने का हवाला देकर वहां से गुजरने वाले जहाजों पर शुल्क लगा सकता है तो यही तरीका दुनिया के दूसरे महत्वपूर्ण जलमार्गों पर भी अपनाया जाने लगेगा।

रुबियो ने कहा कि ऐसी स्थिति में अंतरराष्ट्रीय व्यापार और समुद्री परिवहन व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित होगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि मौजूदा अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था इसी सिद्धांत पर आधारित है कि समुद्री व्यापार के प्रमुख रास्ते सभी देशों के लिए खुले और सुरक्षित रहें।

समझौता चाहिए, लेकिन किसी भी कीमत पर नहीं

अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा कि अमेरिका ईरान के साथ समझौता चाहता है लेकिन किसी भी कीमत पर नहीं। उन्होंने कहा कि समझौता ऐसा होना चाहिए जिस पर भरोसा किया जा सके, जिसकी पुष्टि की जा सके और जिसका दोनों पक्ष पूरी तरह पालन करें।

रुबियो ने खाड़ी देशों को यह भरोसा भी दिलाया कि अमेरिका ऐसा कोई कदम नहीं उठाएगा जिससे क्षेत्र के सहयोगी देशों की सुरक्षा, स्थिरता या आर्थिक हित प्रभावित हों। उन्होंने कहा कि अमेरिका अपने साझेदार देशों की चिंताओं को गंभीरता से लेता है और किसी भी समझौते में उनके हितों का पूरा ध्यान रखा जाएगा।