US-Iran Conflict: अमेरिका… ईरान को बहुत ज्यादा दर्द दे सकता है। यूएस की तरफ से ऐसी लास्ट अल्टीमेटम सामने आया है।
US-Iran War Update: अमेरिकी प्रेसिडेंट ट्रंप के चेतावनी के बाद मिडिल ईस्ट में तनाव खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। अब अमेरिका ने ईरान को साफ चेतावनी दी है कि अगर उसने अपना रुख नहीं बदला, तो उसे बहुत, बहुत ज्यादा दर्द झेलना पड़ सकता है। वाइस प्रेसिडेंट जे डी वेंस ने ठीक ऐसे ही बात प्रेस कॉन्फ्रेंस कही है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अमेरिकी उप-राष्ट्रपति वेंस ने कहा कि अब गेंद ईरान के पाले में है और अगला कदम तेहरान को ही उठाना होगा।
वॉशिंगटन ने यह भी संकेत दिया है कि वह जल्द जवाब चाहता है और आज रात 8:30 बजे (भारतीय समयानुसार सुबह 5:30) तक ईरान की प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या ईरान झुकेगा या टकराव और बढ़ेगा? दुनिया की नजरें अब इस पर टिकी है।
वेंस ने कहा कि अमेरिका अब तक बहुत सोच-समझकर कदम उठा रहा है। उसने ईरान के कुछ ठिकानों पर कार्रवाई की है, लेकिन जरूरी ऊर्जा ढांचे (जैसे तेल-गैस से जुड़े सिस्टम) को नुकसान नहीं पहुंचाया है।
उन्होंने साफ किया कि जब तक ईरान कोई ऐसा प्रस्ताव नहीं देता जिसे अमेरिका मान सके, तब तक इन अहम ऊर्जा ठिकानों को निशाना नहीं बनाया जाएगा।
वेंस ने यह भी कहा कि अगर बातचीत (डिप्लोमेसी) से बात नहीं बनी, तो अमेरिका के पास और सख्त कदम उठाने के विकल्प भी हैं, जिनका फैसला राष्ट्रपति ले सकते हैं।
उन्होंने ईरान पर आरोप लगाया कि वह दुनिया पर आर्थिक दबाव डालने की कोशिश कर रहा है। वहीं, अमेरिका का मकसद है कि दुनिया में तेल और गैस की सप्लाई बिना रुकावट जारी रहे, ताकि लोगों को दिक्कत न हो।
वेंस ने यूरोप की ऊर्जा नीति की आलोचना करते हुए कहा कि बाहरी देशों पर निर्भरता कम करनी चाहिए। हंगरी के प्रधानमंत्री ओर्बन ने भी चेतावनी दी कि यूरोप एक बड़े ऊर्जा संकट की ओर बढ़ रहा है।