
फोटो में श्रीलंका के प्रेसिडेंट अनुरा कुमारा दिसानायके और सर्कल में पीएम मोदी और अमित शाह (सोर्स: ANI)
Sri Lanka Oil Crisis: अमेरिका-ईरान के बीच युद्ध अभी टला नहीं है। ट्रंप की चेतावनी के बाद भी ईरान ने अब तक सभी देशों के लिए होर्मुज स्ट्रेट को नहीं खोला है। वह सिर्फ उन्हें ही उस समुद्री रास्ते से जाने दे रहा है, जिसे वो अपना दोस्त मान रहा है।
होर्मुज स्ट्रेट बंद होने के कारण इसका असर पूरी दुनिया पर दिखने लगा है। पाकिस्तान से लेकर श्रीलंका, बांग्लादेश में हाहाकार मचा हुआ है। भारत पर भी निश्चित तौर पर इसका प्रभाव देखा गया। लोग गैस-तेल के लिए लंबी-लंबी कतार में खड़े नजर आए।
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच आम लोगों पर बढ़ती महंगाई का असर कम करने के लिए श्रीलंका के प्रेसिडेंट अनुरा कुमारा दिसानायके ने मंगलवार को बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि सरकार लोगों को राहत देने के लिए फ्यूल पर सब्सिडी देगी।
इसी के साथ उन्होंने खुशी जाहिर करते हुए बताया कि इंडिया ने इस संकट में श्रीलंका की मदद के लिए हाथ बढ़ाया है। भारत अब श्रीलंका को पेट्रोल और डीजल सप्लाई करेगा, ताकि वहां ईंधन की कीमतों का असर कम किया जा सके।
संसद में बोलते हुए राष्ट्रपति दिसानायके ने आगे कहा कि सरकार की जिम्मेदारी है कि वह लोगों की परेशानियों को समझे और उन्हें राहत दे। इस फैसले से श्रीलंका में ईंधन संकट और महंगाई से जूझ रहे लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
श्रीलंका के प्रेसिडेंट अनुरा कुमारा दिसानायके ने बताया कि सरकार अभी चार अहम चीजों पर ध्यान दे रही है- पहला फ्यूल, दूसरा बिजली (एनर्जी), तीसरा गैस और चौथा खाद (फर्टिलाइजर)।
उन्होंने कहा कि लोगों को राहत देने के लिए डीजल पर 100 श्रीलंकाई रुपये प्रति लीटर और पेट्रोल पर 20 रुपये प्रति लीटर की छूट दी जाएगी। इस योजना पर सरकार को हर महीने करीब 20 अरब रुपये खर्च करने पड़ेंगे।
दिसानायके ने यह भी बताया कि देश की एनर्जी जरूरतें पूरी करने के लिए कई देशों से बातचीत चल रही है। उन्होंने कहा कि उनकी भारत के पीएम नरेंद्र मोदी से बात हुई है। भारत, श्रीलंका को पेट्रोल-डीजल देने के लिए तैयार हो गया है। साथ ही, गैस, कोयला और खाद के लिए रूस से भी बातचीत शुरू हो गई है। अच्छी बात यह है कि श्रीलंका का विदेशी मुद्रा भंडार अब लगभग 7 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। सेंट्रल बैंक ने बाजार से 700 मिलियन डॉलर भी खरीदे हैं, जिससे स्थिति थोड़ी बेहतर हुई है।
हालांकि, हाल के समय में हालात आसान नहीं हैं। ईरान के खिलाफ यूएस और इजरायलl की सैन्य कार्रवाई के बाद तेल महंगा हुआ और मार्च में श्रीलंका को तीन बार पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाने पड़े। आखिरी बार तो कीमतें 25% से ज्यादा बढ़ गई थीं। ऊर्जा बचाने के लिए सरकार ने कुछ समय के लिए हफ्ते में 4 दिन काम करने का नियम लागू किया था, लेकिन अब इसे खत्म कर फिर से 5 दिन का वर्क वीक शुरू किया जा रहा है।
उन्होंने आगे बताया, भारत ने पहले ही मदद करते हुए 38,000 मीट्रिक टन फ्यूल की सप्लाई भेजी है, जिसमें 20,000 टन डीजल और 18,000 टन पेट्रोल शामिल है।
Updated on:
07 Apr 2026 05:12 pm
Published on:
07 Apr 2026 04:25 pm
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