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ऑस्ट्रेलिया का बड़ा झटका: भारतीय छात्र अब नहीं ले जा सकेंगे पार्टनर-बच्चे, जानें नए माइग्रेशन नियम

visa hopping: ऑस्ट्रेलिया के नए माइग्रेशन नियमों में अधिकांश अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए पार्टनर और बच्चों को साथ लाने पर रोक; भारतीय छात्रों पर पड़ेगा खास असर, पीएचडी छात्रों को मिलेगी छूट।
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Sep 18, 2026
study abroad Australia
ऑस्ट्रेलिया में नए माइग्रेशन नियमों से भारतीय छात्रों के लिए बढ़ी मुश्किल, photo source@ChatGpt

Australia Migration Rules: अमरीका के बाद अब ऑस्ट्रेलिया ने भी विदेशी छात्रों के लिए नियम सख्त कर दिए हैं। ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने नए माइग्रेशन सुधारों के तहत ज्यादातर अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए पढ़ाई के दौरान अपने पार्टनर और बच्चों को साथ लाने की सुविधा खत्म करने का फैसला किया है। हालांकि, प्रशांत और दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के छात्रों के लिए कुछ विशेष व्यवस्थाएं जारी रहेंगी।

सरकार का लक्ष्य अगले दो वर्षों में नेट माइग्रेशन को करीब 3.05 लाख से घटाकर 2.25 लाख तक लाना है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए यह नया माइग्रेशन सुधार लाया गया है, जिसके तहत अंतरराष्ट्रीय छात्रों से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है। सरकार ने इसके साथ ही छात्र वीजा के दुरुपयोग और 'वीजा हॉपिंग' पर भी रोक लगाने के उपाय किए हैं, ताकि छात्र वीजा प्रणाली का गलत इस्तेमाल रोका जा सके।

भारतीय छात्रों पर पड़ सकता है खास असर

इस फैसले का असर भारतीय छात्रों पर खास तौर पर पड़ सकता है। चीन के बाद भारत ऑस्ट्रेलिया में अंतरराष्ट्रीय छात्रों का दूसरा सबसे बड़ा स्रोत है, ऐसे में नए नियमों का सीधा प्रभाव बड़ी संख्या में भारतीय छात्रों और उनके परिवारों पर पड़ना तय माना जा रहा है।

विवाहित छात्रों और परिवारों के लिए बढ़ीं चुनौतियां

नए नियमों से शादीशुदा छात्रों और बच्चों वाले परिवारों के लिए ऑस्ट्रेलिया में पढ़ाई का फैसला मुश्किल हो सकता है। पहले ऑस्ट्रेलिया में पढ़ाई के लिए जाने वाले छात्रों को अपने पार्टनर और 18 साल से कम उम्र के बच्चों को छात्र वीजा आवेदन में शामिल करने की सुविधा थी, जिससे परिवार साथ रह सकते थे। अब यह सुविधा ज्यादातर छात्रों के लिए समाप्त कर दी गई है, जिससे परिवार सहित पढ़ाई के लिए ऑस्ट्रेलिया जाने की योजना बना रहे छात्रों को नए सिरे से विचार करना पड़ सकता है।

पीएचडी छात्रों को मिलेगी छूट

हालांकि, इन सख्त नियमों के बीच पीएचडी छात्रों के परिवारों के लिए राहत की बात यह है कि उनके लिए छूट का प्रावधान रखा गया है। इसका मतलब है कि पीएचडी करने वाले छात्र अब भी अपने पार्टनर और बच्चों को अपने साथ ऑस्ट्रेलिया ले जा सकेंगे, जबकि बाकी श्रेणियों के अधिकांश अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए यह विकल्प उपलब्ध नहीं रहेगा।

Updated on:
18 Sept 2026 02:59 am
Published on:
18 Sept 2026 02:59 am