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दुबई में मिसाइल हमले का अलर्ट! प्रशासन की चेतावनी के बाद यूएई में मचा हड़कंप

Missile Attack Alert: संयुक्त अरब अमीरात के अधिकारियों ने दुबई के लिए मिसाइल हमले की चेतावनी जारी की। इस चेतावनी की वजह तुरंत साफ नहीं हो पाई।
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Jun 26, 2026
dubai
दुबई में मिसाइल हमले का अलर्ट

Dubai Missile Attack Alert: युक्त अरब अमीरात के अधिकारियों ने शुक्रवार को दुबई के लिए मिसाइल हमले की चेतावनी जारी की। हालांकि कुछ ही समय बाद जनता से कहा कि वे पिछली चेतावनी को नजरअंदाज करें। माना जा रहा है कि यह संभवतः गलती से जारी की गई थी।

ईरान युद्ध के दौरान संयुक्त अरब अमीरात के गृह मंत्रालय द्वारा भेजा गया यह संक्षिप्त संदेश, जनता को गलती से भेजे गए एक चेतावनी संदेश का संकेत देता प्रतीत होता है। स्थानीय समयानुसार शाम 5:15 बजे के तुरंत बाद जारी की गई इस चेतावनी का कारण तुरंत स्पष्ट नहीं हो सका।

अलर्ट ने लोगों को चौंका दिया

अधिकारियों ने इस बारे में विस्तार से जानकारी नहीं दी। मोबाइल फोन पर मिली इस चेतावनी ने दुबई में कई लोगों को चौंका दिया, युद्धविराम के बाद हफ्तों में यह पहली घटना थी।

ईरान पर टैंकर पर ड्रोन हमला का संदेह

ईरान पर गुरुवार को ओमान के तट पर एक टैंकर पर ड्रोन हमला करने का संदेह है, क्योंकि तेहरान ईरान युद्ध में मौजूदा अंतरिम समझौते के बावजूद, होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपने नियंत्रण को लेकर क्षेत्र और अमेरिका को लगातार चुनौती दे रहा है।

UAE ने ईरान के विदेश मंत्री से की बात

अलर्ट जारी होने के कुछ ही समय बाद, अमीरातियों ने बताया कि विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान और ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरघची के बीच फोन पर बातचीत हुई। इसमें शेख अब्दुल्ला के हवाले से अरघची को बताया गया कि यूएई ने ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच अंतरिम समझौते के प्रति पूर्ण प्रतिबद्धता के महत्व पर जोर दिया।

इसमें कहा गया, गंभीर कूटनीति और जिम्मेदार बातचीत ही सभी क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय संकटों से निपटने का सबसे अच्छा तरीका है।

ईरान और अमेरिका के बीच ऐतिहासिक समझौता

पश्चिम एशिया में जारी भारी तनाव के बीच ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका ने सैन्य टकराव को टालने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। शुक्रवार को दोनों देशों ने रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज (Strait of Hormuz) में एक सीधी संचार लाइन (Communication Line) स्थापित की है।

ईरानी सरकारी मीडिया प्रेस टीवी के अनुसार, स्विट्जरलैंड में कतर और पाकिस्तान की मध्यस्थता में हुई वार्ता के बाद यह फैसला लिया गया। इस चैनल का मुख्य उद्देश्य जलमार्ग में किसी भी अप्रत्याशित घटना को रोकना और दोनों पक्षों के बीच हुए 14 सूत्री 'इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन' (MoU) के नियमों को लागू करना है, ताकि किसी भी संभावित युद्ध की स्थिति से बचा जा सके।

Updated on:
26 Jun 2026 08:48 pm
Published on:
26 Jun 2026 07:52 pm