बलूच विद्रोहियों का ऑपरेशन ‘हेरोफ’ जारी है। दावे के मुताबिक, बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी ने पाकिस्तानी सेना के 200 जवान महज 40 घंटे में ढेर कर दिए।
Baloch Insurgency: बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) के विद्रोहियों ने ऑपरेशन ‘हेरोफ’ के दूसरे चरण को शुरू करने के बाद 40 घंटों में 200 से ज्यादा पाकिस्तानी सैनिकों को मारने का दावा किया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि शनिवार को बलूचिस्तान में 14 अलग-अलग जगहों पर हमला शुरू करने के बाद उन्होंने शहरों में सेंट्रल मिलिट्री हेडक्वार्टर और कई राजमार्गों पर कब्जा कर लिया है।
बीएलए के एक बयान के अनुसार, बेहद तालमेल से किए गए इस हमले में 14 शहरों के 48 लक्ष्यों को निशाना बनाया गया है, जिनमें क्वेटा, नोशकी, मस्तंग, दलबांदिन, कलात, खारान, पंजगुर, ग्वादर, पसनी, तुरबत, तुम्प, बुलेदा, मैंगोचर, लासबेला, केच और अवारान शामिल हैं। विद्रोहियों ने 17 सैनिकों को बंधक बनाने का भी दावा किया है। बीएलए ने दावा किया है कि उसका ऑपरेशन हेरोफ फेज 2 बलूचिस्तान के कई जिलों में अब भी जारी है। इस ऑपरेशन को लॉन्च किए हुए 40 घंटे से भी ज्यादा समय हो गया है।
बीएलए ने पाकिस्तानी सुरक्षा बलों को भारी नुकसान पहुंचाने और कई इलाकों पर कंट्रोल होने का भी दावा किया है। दावा है कि यहां से इस्लामाबाद की मिलिट्री मौजूदगी को पीछे धकेल दिया गया है। ग्रुप ने इन आंकड़ों को शुरुआती और सावधानी भरे अनुमान बताया है। माना जा रहा है कि असल नुकसान ज्यादा रहा होगा।
उधर, बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री सरफराज बुगती ने कहा कि हमलों में 17 कानून प्रवर्तन कर्मी और 31 नागरिक मारे गए। पाकिस्तान की सेना ने यह भी दावा किया है कि शनिवार को 92 अलगाववादी मारे गए, जबकि शुक्रवार को 41 मारे गए थे। इस बीच, बीएलए ने चेतावनी दी है कि जो स्थानीय अधिकारी और पुलिसकर्मी कब्जा करने वाली सेना की मदद करेंगे, उन्हें दुश्मन माना जाएगा। बीएलए ने भी अपने ग्रुप को हुए नुकसान को स्वीकार किया है। उसने बताया कि ऑपरेशन के दौरान उसके 18 लड़ाके मारे गए, जिनमें मजीद ब्रिगेड के 11 फिदायीन (आत्मघाती हमलावर), फतेह स्क्वाड के चार लड़ाके और एसटीओएस यूनिट के तीन लड़ाके शामिल थे। फिदायीन हमलावरों में दो महिलाएं भी शामिल थीं, जिनकी तस्वीरें भी बीएलए ने जारी की हैं।
पाकिस्तान के रणनीतिक बंदरगाह शहर ग्वादर और बलूचिस्तान के अन्य इलाकों में हालिया हमलों के बाद चीन ने बड़ा कदम उठाया है। चीन ने ग्वादर में अपने सभी जमीनी ऑपरेशन अस्थायी रूप से रोक दिए हैं और वहां तैनात अपने कर्मियों को वापस बुला लिया है। सूत्रों ने बताया कि ग्वादर में मौजूद सभी चीनी इंजीनियरों और तकनीकी कर्मचारियों को विशेष उड़ानों के जरिए बाहर निकाला गया है। इसके साथ ही चीन की ओर से चल रहे ऑन-ग्राउंड प्रोजेक्ट्स फिलहाल पूरी तरह ठप हो गए हैं। चीनी अधिकारियों की ओर से कहा गया है कि ‘यह किसी भी तरह से निवेश या परियोजनाओं से हटने का संकेत नहीं है। सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा और मजबूत प्रोटोकॉल लागू होने के बाद चीनी कर्मियों को दोबारा तैनात किया जाएगा और काम फिर शुरू होगा।’