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बांग्लादेश में 1971 के ऐतिहासिक स्थलों पर अब मूर्तियों की जगह लगेंगे पानी के फव्वारे

Tarique Rahman: बांग्लादेश में स्वतंत्रता स्मारक परियोजना के डिजाइन में बदलाव का प्रस्ताव है। शेख मुजीब से जुड़ी प्रस्तावित मूर्तियों की जगह अब पानी के फव्वारे लगाए जा सकते हैं। पढ़ें पूरी खबर...
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Sep 27, 2026
Tarique Rahman
बांग्लादेश प्रधानमंत्री तारिक रहमान

Tarique Rahman Government: बांग्लादेश की तारिक रहमान सरकार ने ढाका के सुहरावर्दी उद्यान में स्वतंत्रता स्मारक परियोजना के मूल डिजाइन में बदलाव का प्रस्ताव रखा है। इस नई योजना के तहत 1971 के मुक्ति संग्राम से जुड़े प्रमुख ऐतिहासिक स्थलों पर बनाई जाने वाली प्रस्तावित मूर्तियों की जगह अब पानी के फव्वारे लगाए जाएंगे।

स्वतंत्रता स्मारक परियोजना का बदला दायरा

बांग्लादेश के मुक्ति युद्ध मामलों के मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, यह नया प्रस्ताव स्वतंत्रता स्मारक परियोजना को दोबारा दायरे में लाने और एक नए उद्देश्य के लिए इस्तेमाल करने की योजना का हिस्सा है। सरकार का मकसद आजादी से जुड़े इस स्मारक पार्क को एक नया रूप देना है।

दो ऐतिहासिक घटनाओं का साक्षी है सुहरावर्दी उद्यान

ढाका में स्थित यह सुहरावर्दी उद्यान करीब 95 एकड़ में फैला हुआ एक बहुत बड़ा और पुराना पार्क है, जिसे पहले 'रामना रेस कोर्स' के नाम से जाना जाता था। लगभग 95 एकड़ के विशाल क्षेत्र में फैला यह पार्क बांग्लादेश के इतिहास की दो सबसे महत्वपूर्ण घटनाओं से जुड़ा हुआ है। यही वो मैदान है जहां 7 मार्च 1971 को शेख मुजीबुर रहमान ने अपना सबसे चर्चित भाषण दिया था और लोगों से आजादी की लड़ाई के लिए तैयार रहने को कहा था। इसके अलावा 16 दिसंबर 1971 को जब पाकिस्तानी सेना ने हार मानकर ढाका में घुटने टेके थे, तब वह आत्मसमर्पण भी इसी जगह हुआ था और बांग्लादेश के स्वतंत्रता संग्राम का अंत हुआ था।

2024 से बंद पड़ा था काम

'ढाका के सुहरावर्दी उद्यान में स्वतंत्रता स्मारक का निर्माण' नामक इस परियोजना की शुरुआत साल 2018 में हुई थी और इसे जून 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके डिजाइन में भाषण स्थल और आत्मसमर्पण स्थल, दोनों ही ऐतिहासिक जगहों पर मूर्तियां बनाना शामिल था। हालांकि, साल 2024 में बांग्लादेश में हुए राजनीतिक व सत्ता परिवर्तन के बाद से यह निर्माण कार्य पूरी तरह ठप पड़ा हुआ था। अब इस रुके हुए काम को मूर्तियों की जगह फव्वारों के नए डिजाइन के साथ दोबारा शुरू किया जाएगा।

भगवान राम की प्रतिमा का काम रोका गया

वहीं दूसरी तरफ बांग्लादेश के गाइबांधा जिले के पलाशबारी उपजिला स्थित श्री श्री राधा गोविंदा और काली मंदिर में बनाई जा रही भगवान राम की प्रतिमा का निर्माण रोकने का आदेश दिया गया है। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, मंदिर के सलाहकार श्याममल कुमार महंत ने गुरुवार शाम मंदिर सभागार में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसकी जानकारी दी। दुनिया की सबसे बड़ी भगवान राम की प्रतिमा बनाने की इस परियोजना को लेकर फैसले के बाद विरोध की आवाजें उठी हैं। आलोचकों का कहना है कि परियोजना के विरोध में खड़े इस्लामी समूहों के दबाव के चलते निर्माण को रोका गया है।

Updated on:
27 Sept 2026 09:07 am
Published on:
27 Sept 2026 08:36 am