बांग्लादेश में बुधवार रात हिंदू शख्स खोकोन चंद्र दास पर भीड़ ने हमला किया था। खोकोन के साथ पहले मारपीट की गई और फिर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। खोकोन ने आज अस्पताल में दम तोड़ दिया है।
बांग्लादेश में इन दिनों हिंदू अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा भड़की हुई है। दीपू चंद्र दास की सरेआम बेरहमी से हत्या के बाद इस तरह के कई मामले सामने आ चुके हैं। हाल ही में दीपू की तरह ही खोकोन चंद्र दास नामक एक हिंदू शख्स पर भी बांग्लादेश में हमला किया गया था। खोकोन पर पहले धारदार हथियारों से हमला किया गया और फिर उन्हें आग के हवाले कर दिया। घटना के बाद से खोकोन ढाका के एक अस्पताल में भर्ती थे जहां आज उन्होंने दम तोड़ दिया है।
खोकोन ढाका से लगभग 150 किलोमीटर दूर एक गांव के रहने वाले थे। खोकोन का दवाइयों और मोबाइल बैंकिंग का छोटा सा बिजनेस था। बुधवार की रात करीब साढ़े आठ बजे जब वो अपनी दुकान बंद करके घर वापस लौट रहे थे उसी दौरान उन पर हमला कर दिया गया। हमलावरों ने उनके साथ जमकर मारपीट की और फिर पेट्रोल डालकर जिंदा ही उन्हें आग के हवाले कर दिया। आग की लपटें खोकोन के सिर और चेहरे पर उठने लगी और तभी जान बचाने के लिए वह पास के एक तालाब में कूद गया, जिसके बाद आग बुझ गई। इतनी ही देर में हमलावर भी मौके से फरार हो गए।
खोकोन की चीख-पुकार सुनकर वहां लोग इकट्ठा हो गए और वह तुरंत उसे नजदीकी अस्पताल लेकर भागे। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसे ढाका के अस्पताल रेफर कर दिया। यहां इलाज के दौरान आज खोकोन की मौत हो गई। उनकी मौत से उनका पूरा परिवार सदमे में है। खोकोन की पत्नी सीमा दास ने कहा, वह समझ नहीं पा रही है कि उनके पति पर इतना भयानक हमला क्यों हुआ क्योंकि उनके परिवार का तो कोई दुश्मन भी नहीं है। खोकोन की बहन ने बताया कि भीड़ ने पहले उनके भाई को लाठी-डंडों से पीटा और फिर उन्हें आग लगा दी।
बता दें कि बांग्लादेश में छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद सांप्रदायिक दंगे भड़क गए हैं। इस दौरान कई हिंदू अल्पसंख्यकों को निशाना बनाया गया है और उन पर जानलेवा हमले किए गए हैं। इसकी शुरुआत कपड़ा व्यापारी दीपूचंद्र दास की निर्मम हत्या से हुई थी। दीपू पर मुस्लिम धर्म का अपमान करने का आरोप लगाते हुए भीड़ ने उन्हें पहले सरेआम बेरहमी से पीटा था और फिर उन्हें नंगा करके पेड़ से बांध कर आग लगा दी। दीपू की मौत के बाद बांग्लादेश में हिंदुओं के साथ मारपीट के कई मामले सामने आ चुके हैं। खोकोन की जान भी इसी सांप्रदायिक हिंसा के चलते गई है।