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ब्लैक सी में ड्रोन हमला: रोमानिया के एफ-16 ने रूस के ड्रोन को किया ध्वस्त, यूरोप में बढ़ी हलचल

Black Sea News: ब्लैक सी में बड़ा ड्रोन हमला हुआ है। रोमानिया के F-16 ने नेप्च्यून डीप गैस प्रोजेक्ट के पास हमलावर ड्रोन को ध्वस्त किया। राष्ट्रपति निकुसोर दान ने रूस को जिम्मेदार ठहराया।
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Aug 20, 2026
F-16 fighter jet
फाइटर जेट एफ-16। (फोटो: आईएएनएस)

ब्लैक सी में तनाव में फिर बढ़ गया है। रोमानिया में नेप्च्यून डीप गैस प्रोजेक्ट से सिर्फ कुछ सौ मीटर दूर ड्रोन से हमला हुआ है। हालांकि, रोमानिया के फोर्स ने इस हमलावर ड्रोन को नष्ट कर दिया।

इस घटना के बाद यूरोप में हलचल बढ़ गई है। रोमानिया के राष्ट्रपति निकुसोर दान ने इस ड्रोन हमले के लिए रूस को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने साफ कहा कि ये घटनाएं रूसी संघ की तरफ से लापरवाही भरी हरकतें हैं। उन्होंने नाटो सहयोगियों के साथ मिलकर ऐसी चुनौतियों का मुकाबला करने का वादा किया।

F-16 से नष्ट किया गया ड्रोन

इस बीच, रक्षा मंत्री राडू मिरुता ने फेसबुक पर लिखा कि रूस की ओर से आए समुद्री ड्रोन को नष्ट कर दिया गया है, नेप्च्यून डीप गैस प्रोजेक्ट में काम करने वाले सैकड़ों लोगों की जान बचाने और महत्वपूर्ण ढांचे को सुरक्षित रखने के लिए यह कदम उठाया गया।

उन्होंने आगे बताया कि ड्रोन हमले की जानकारी मिलते ही रोमानियाई एयर फोर्स के एफ-16 लड़ाकू विमानों को तुरंत भेजा गया और ड्रोन को नष्ट कर दिया गया।

पहले भी नष्ट किए गए ड्रोन

इस महीने की शुरुआत में सेना के गोताखोरों ने उसी इलाके में दो और गेरबेरा टाइप ड्रोन नष्ट किए थे। ये ड्रोन रोमानिया के विशेष आर्थिक क्षेत्र में तैरते हुए मिले थे। यूक्रेन ने साफ किया कि ये उसके बल के नहीं हैं।

बता दें कि नेप्च्यून डीप प्रोजेक्ट ओएमवी पेट्रोम और रोमगाज के साझे में है। जब यह 2027 में शुरू होगा तो रोमानिया यूरोपीय संघ का सबसे बड़ा गैस उत्पादक बन जाएगा। इसलिए इसकी सुरक्षा बहुत जरूरी है।

ब्लैक सी में हमले का खतरा बढ़ा

ब्लैक सी में रूसी-यूक्रेन युद्ध के चलते ड्रोन और समुद्री खानों का खतरा बढ़ गया है। रोमानिया का यूक्रेन से 614 किलोमीटर लंबा सीमा है। पिछले चार साल में रूसी ड्रोन कई बार उसकी हवाई सीमा में घुसे हैं।

समुद्र में भी खानें तैरती हुई व्यापार और ऊर्जा मार्गों को खतरे में डाल रही हैं। नाटो सदस्य रोमानिया, बुल्गारिया और तुर्की ने मिलकर 150 से ज्यादा ऐसी खानों को साफ किया है।

तीन देशों ने मिलकर बनाया टास्क फोर्स

जुलाई में इन तीनों देशों ने एक संयुक्त टास्क फोर्स का विस्तार किया। अब यह सिर्फ खानें साफ करने के अलावा महत्वपूर्ण ढांचे की सुरक्षा भी करेगा। ब्लैक सी में जॉर्जिया, रूस और यूक्रेन भी तट साझा करते हैं। यहां ऊर्जा परियोजनाओं पर हमले की आशंका बढ़ रही है।

रोमानियाई अधिकारियों का कहना है कि वे सतर्क हैं। नाटो सहयोग से सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत की जा रही है। यह घटना यूरोप की ऊर्जा सुरक्षा के लिए चेतावनी है।

Updated on:
20 Aug 2026 06:07 pm
Published on:
20 Aug 2026 06:04 pm