
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान । (Photo- IANS)
पाकिस्तान की राजनीति में अचानक नई हलचल शुरू हो गई है। जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान अगर बाहर आते हैं तो सेना या आर्मी चीफ आसिम मुनीर से कोई टकराव नहीं करेंगे। उनके सबसे करीबी सहयोगी जुल्फिकार बुखारी ने यह बयान दिया है।
इससे पहले पीटीआई (इमरान खान की पार्टी) के कार्यकर्ता सालों से मुनीर के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। इमरान खुद उन्हें 'मानसिक रूप से अस्थिर' कह चुके हैं। अब पार्टी के स्वर में साफ बदलाव दिख रहा है।
पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को इमरान खान को जेल से निजी अस्पताल में शिफ्ट करने का आदेश दिया। अदालत ने 48 घंटे का समय दिया। इस बीच, इमरान के सहयोगी के बयान को कई विश्लेषक इसे सैन्य प्रतिष्ठान और पीटीआई के बीच तनाव कम करने की दिशा में पहला कदम मान रहे हैं।
बुखारी ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को नई उम्मीद की किरण बताया है। पार्टी ने अदालत के सभी निर्देशों का पालन करने का भरोसा दिया है। उन्होंने कहा कि अस्पताल के बाहर भीड़ नहीं जमा की जाएगी। गुरुवार दोपहर तक इमरान का ट्रांसफर नहीं हुआ था।
बुखारी दुबई में स्व-निर्वासित जीवन बिता रहे हैं। उन्होंने कहा कि पीटीआई और सेना के बीच कोई बातचीत नहीं चल रही। लेकिन मुनीर को देश का सबसे ताकतवर व्यक्ति बताया।
उन्होंने कहा कि अगर मुनीर एक दिन उठकर कह दें कि अब काफी हो गया, देश को शांत करने का समय है, तो 24 घंटे में तमाम राजनीतिक कैदी बाहर आ सकते हैं।
इमरान लंबे समय से सख्त हिरासत में हैं। पार्टी नेतृत्व ने इमरान से आखिरी बार आठ महीने पहले बात की थी। पिछले नवंबर में उनके नाम से जारी बयान में मुनीर को इतिहास का सबसे तानाशाह बताया गया था और साफ कहा गया था कि वे झुकेंगे नहीं।
इस बीच, बुखारी ने यह भी साफ किया कि 27 सितंबर का राष्ट्रव्यापी मार्च रद्द नहीं होगा। इमरान अस्पताल पहुंचें या न पहुंचें, मांगें वही रहेंगी। इलाज का सही इंतजाम, परिवार-डॉक्टर-वकील-पार्टी नेतृत्व से मुलाकात, मामलों की जल्दी सुनवाई और रिहाई।
इस पर पाक सरकार और सेना ने फिलहाल कोई जवाब नहीं दिया है। सेना हमेशा कहती रही है कि वह राजनीति में दखल नहीं देती। सरकार इमरान के मामलों को अदालतों का मामला बताती है। बता दें कि 2022 में सत्ता गंवाने के बाद इमरान पर कई मुकदमे चले।
Updated on:
20 Aug 2026 06:54 pm
Published on:
20 Aug 2026 06:54 pm
