Tarique Rahman Oath: आलमगीर ने कहा, हमारा मानना है कि हसीना ने गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन किए हैं और जनता उन्हें सजा दिलाना चाहती है।
Bangladesh: मंगलवार को नई सरकार के गठन से ठीक पहले बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने भारत के साथ रिश्तों को लेकर अहम बयान दिया है। पार्टी के सबसे वरिष्ठ महासचिव मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि शेख हसीना की भारत में मौजूदगी या उनके प्रत्यर्पण का मुद्दा द्विपक्षीय संबंधों में बाधक नहीं बनेगा। हम और भी बेहतर संबंध बनाना चाहते हैं। हमारे भारत के साथ द्विपक्षीय संबंध हसीना से जुड़े मुद्दों के बंधक नहीं रहेंगे।
आलमगीर ने कहा, हमारा मानना है कि हसीना ने गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन किए हैं और जनता उन्हें सजा दिलाना चाहती है। भारत को उन्हें सौंप देना चाहिए, लेकिन यदि ऐसा नहीं भी होता है, तो यह व्यापारिक और राजनयिक-रणनीतिक संबंधों में बाधा नहीं बनेगा।
उन्होंने अमेरिका और चीन का उदाहरण देते हुए कहा कि मतभेदों के बावजूद देशों को सहयोग के क्षेत्रों में काम करना चाहिए। आलमगीर ने कहा कि बांग्लादेश अपने हित में परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाएगा और भारत के साथ विकास साझेदारी को मजबूत करेगा।
बीएनपी नेता नेतृत्व ने संकेत दिया कि वे भारत के साथ तकनीकी शिक्षा, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और क्षमता निर्माण में सहयोग बढ़ाना चाहते हैं। हालांकि, उन्होंने फरक्का जल संधि और सीमा पर होने वाली मौतों जैसे मुद्दों पर बातचीत की जरूरत पर भी जोर दिया। आलमगीर ने कहा कि हसीना और उनके मंत्रियों और अधिकारियों के खिलाफ जो कानूनी प्रक्रिया चल रही है, जिन पर विद्रोह के दौरान हत्याओं और आपराधिक कृत्यों को अंजाम देने का आरोप है। वह प्रक्रिया जारी रहेगी।
चुनाव में भारी जीत के बाद BNP नेता तारिक रहमान ने विदेश नीति पर अपना रुख स्पष्ट किया। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि हमारी विदेश नीति केवल और केवल बांग्लादेश के हितों और यहां के लोगों की संप्रभुता से तय होगी। हम आपसी सम्मान और रणनीतिक स्वायत्तता के आधार पर भारत के साथ आगे बढ़ेंगे।
मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने सोमवार को अपना विदाई भाषण दिया। मंगलवार को होने वाले शपथ ग्रहण समारोह के साथ ही अंतरिम सरकार का कार्यकाल समाप्त हो जाएगा और सत्ता पूरी तरह से निर्वाचित बीएनपी सरकार के हाथों में होगी। सेनाध्यक्ष वकार उज जमां ने भी यूनुस से मुलाकात की।