
Most Dangerous Countries: विदेश घूमने की इच्छा रखने वाले लोगों के लिए बड़े काम की खबर सामने आई है। अगर आप विदेश यात्रा पर जा रहे हैं तो जिस देश आप जा रहे हैं या जाने की सोच रहे हैं तो इसके बारे में ज़रा थोड़ी जानकारी जुटा लीजिएगा कि कहीं आपका इस देश में यात्रा करना खतरनाक ना साबित हो जाए। जी हां, ये हम नहीं ब्रिटेन (Britain) की हाल ही में जारी हुई एक लिस्ट कह रही है। दरअसल इस लिस्ट में ब्रिटेन ने उन देशों को शामिल किया है जहां की यात्रा करना बेहद खतरनाक हो सकता है। इस लिस्ट में पाकिस्तान (Pakistan) भी शामिल है। पाकिस्तान की स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक यूनाइटेड किंगडम के विदेश, राष्ट्रमंडल और विकास कार्यालय (FCDO) ने उन देशों की सूची में पाकिस्तान का नाम लिया है जो ब्रिटेन के नागरिकों के लिए 'बहुत खतरनाक' हैं। इस लिस्ट में कुल 24 देशों के नाम हैं।
खतरे के कई कारक
ये लिस्ट (Most Dangerous Countries) जोखिम भरे देशों पर आधारित है। इसमें अपराध, युद्ध, आतंकवाद, बीमारी, मौसम की स्थिति, प्राकृतिक आपदाएं और बाहर से आने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए अन्य खतरे शामिल हैं। खास बात ये है कि इस सूची ने नए देश भी जोड़े गए हैं सूची में नए जोड़े गए देश हैं इसमें रूस का नाम भी शामिल हैं।
ये देश ब्लैकलिस्टेड
यूक्रेन, इज़राइल, ईरान, सूडान, लेबनान, बेलारूस और फिलिस्तीनी क्षेत्र, अफगानिस्तान, बुर्किना फासो, मध्य अफ्रीकी गणराज्य, चाड, हैती, इराक, इज़राइल, लेबनान, लीबिया, माली, नाइजर, उत्तर कोरिया, सोमालिया, सोमालीलैंड, दक्षिण सूडान, सीरिया, वेनेजुएला और यमन काली सूची में शामिल देश हैं।
रेड लिस्ट में पाकिस्तान शामिल
इसके अलावा (Most Dangerous Countries) ब्रिटेन के विदेश कार्यालय ने एक रेड लिस्ट भी जारी की है इस रेड लिस्ट में शामिल देश वो हैं जहां जब तक बिल्कुल जरूरी न हो' तो वहां यात्रा से बचना चाहिए। इसी सूची में पाकिस्तान (Pakistan) शामिल है।
हिंसा से भरा है पाकिस्तान
पाकिस्तान के स्थानीय समाचार वेबसाइट की रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान में 2023 में 789 आतंकी हमलों और आतंकवाद विरोधी अभियानों में 1,524 मौतें हुईं और 1,463 लोग घायल हुए। कुल मौतों में नागरिक और अपराधी दोनों शामिल हैं। ये आंकड़ा 2017 के बाद से सबसे ज्यादा है। पाकिस्तान (Pakistan) के खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान प्रांत हिंसा के अहम केंद्र के तौर पर सामने आए हैं। जिनमें कुल मौतों में से 90% से ज्यादा और 84% हमलों में आतंकवाद से लेकर सुरक्षा बल के संचालन तक की घटनाएं शामिल हैं।