विदेश

Budget 2024 : आम आदमी के लिए सस्ते और बेहतर इलाज का इंतजाम करे भारत,NRI विश्लेषण

Jul 24, 2024
Healthcare Budget

Budget 2024: भारत के बजट 2024 पर राजस्थान एसोसिएशन जर्मनी के संस्थापक राना हरगोविंद सिंह ने कुछ यूं राय दी है:

स्वास्थ्य सेवा

भारत के आम बजट की बात करें तो भारत को अपनी स्वास्थ्य सेवा वितरण प्रणाली में आमूलचूल परिवर्तन करने की आवश्यकता है, विशेष रूप से कोविड-19, निपाह, जीका वायरस आदि जैसी भविष्य की किसी भी महामारी के लिए तैयार रहने के लिए यह जरूरी है।

  1. उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करें हमें राजस्थान और भारत के विभिन्न शहरों में न्यूरोलॉजी, कैंसर, कार्डियक, ऑर्थोपेडिक्स, यूरोलॉजी, मनोचिकित्सा और अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों के लिए समर्पित विशेष उत्कृष्टता केंद्रों की आवश्यकता है।.
  2. आपातकालीन चिकित्सा सेवाएँ*: चिकित्सा आपात स्थितियों के लिए समय पर और कुशल प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने, मृत्यु दर और रुग्णता दरों को कम करने के लिए राज्य भर में आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं (ईएमएस) को मजबूत करें।
  3. शासन ढांचा : राजस्थान और भारत का अंतरराष्ट्रीयचिकित्सा सलाहकार बोर्ड: डॉक्टर्स ऑफ राजस्थान इंटरनेशनल (DORI) के सहयोग से चिकित्सा और स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों और दुनिया भर में सर्वोत्तम प्रथाओं पर चर्चा करने के लिए एक शासन ढांचा लागू करें।
  4. अनुसंधान और विकास निधि: अंतरराष्ट्रीय सहयोग के साथ स्वास्थ्य सेवा के अनुसंधान और विकास के लिए बजट आवंटित करें। अनुसंधान एवं विकास में निवेश करने से नवाचार को बढ़ावा मिलेगा और भारत में चिकित्सा पद्धतियों और उपचारों में सुधार होगा।

बहरहाल इन क्षेत्रों पर अतिरिक्त ध्यान केंद्रित करके, हम राजस्थान और भारत में स्वास्थ्य सेवा और चिकित्सा सुविधाओं को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ा सकते हैं, जिससे सभी भारतीयों के लिए बेहतर स्वास्थ्य परिणाम सुनिश्चित होंगे।

राजस्थान एसोसिएशन जर्मनी के संस्थापक राना हरगोविंद सिंह।

राना हरगोविंदसिंह : एक नजर

प्रवासी भारतीयों की सेवा में हमेशा तत्पर रहने वाले एक प्रमुख शख्सियत का नाम है राना हरगोविंदसिंह। प्राइवेट सैक्टर हो या सरकारी,वे सेवा और सहायता कर हर जगह अपनी सार्थक भूमिका निभाते हैं। वे डॉक्टर्स ऑफ राजस्थान इंटरनेशनल (DORI) के भी महासचिव हैं।

प्रवासी भारतीयों के लिए सेवा करने का उनका जज्बा ऐसा है कि बस उन्हें पता चलना चाहिए कि किसी प्रवासी भारतीय को मदद की जरूरत है, वे उसकी मदद के लिए हर संभव सहायता करते हैं। वे जर्मन मल्टीनेशनल कंपनियों में ग्लोबल प्रोसेस ओनर के रूप में पेशे से जुड़े हैं।

Updated on:
24 Jul 2024 05:44 pm
Published on:
24 Jul 2024 05:44 pm