
काठमांडू में बागमती नदी उफान पर,कई हाईवे बंद, photo source@ChatGpt
Nepal Red Alert: नेपाल में मौसम ने ऐसा रौद्र रूप दिखाया है कि अधिकारियों को कई इलाकों में रेड अलर्ट जारी कर पब्लिक ट्रांसपोर्ट सर्विस पूरी तरह रोकनी पड़ी है। शनिवार तक एक सक्रिय मौसम सिस्टम के चलते बेहद तेज और भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है।
डिपार्टमेंट ऑफ हाइड्रोलॉजी एंड मेटियोरोलॉजी (DHM) की वेदर फोरकास्टिंग डिवीजन ने पांच दिनों का विशेष चेतावनी बुलेटिन जारी करते हुए जनता और सरकारी एजेंसियों से शुक्रवार और शनिवार को अत्यधिक सतर्क रहने की अपील की है। देशभर में बारिश और उससे जुड़े खतरे बढ़ने की पूरी संभावना है।
राजधानी काठमांडू में 36 घंटे से भी ज्यादा समय से लगातार हो रही बारिश ने बागमती नदी को उफान पर ला दिया है, जिससे उसके बांध टूट गए हैं। DHM ने चेतावनी दोहराई है कि शुक्रवार रात से मंगलवार तक देश के विभिन्न हिस्सों में हल्की से लेकर भारी बारिश और मौसमी आपदाओं का सिलसिला जारी रह सकता है।
शुक्रवार सुबह से काठमांडू आने-जाने वाली सभी पब्लिक गाड़ियां रोक दी गई हैं। गुरुवार से जारी बारिश के कारण भूस्खलन और बाढ़ ने कई प्रमुख हाईवे बंद कर दिए हैं, जिससे काठमांडू को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने वाले रास्ते ठप पड़ गए हैं। फंसे हुए यात्री राजेश कुमार यादव ने ANI को बताया कि लगातार बारिश से हाईवे बंद हैं, गाड़ियां और यात्री दोनों फंसे हुए हैं, और बागमती नदी भी उफान पर है।
पुलिस के मुताबिक पृथ्वी और BP हाईवे पर भूस्खलन के चलते गाड़ियों की आवाजाही रोकी गई है, हालांकि हल्के वाहन फारपिंग रूट से चलाए जा रहे हैं। एक पब्लिक वाहन ऑपरेटर डेनियल ठकुरी ने बताया कि दो दिनों से मिल रहे अलर्ट को देखते हुए उन्होंने बीच रास्ते में फंसने के डर से परिचालन बंद कर दिया है। बागमती, गंडकी, मधेश और कोशी प्रांतों के कई पहाड़ी-तराई इलाके हाई-रिस्क श्रेणी (रेड अलर्ट) में हैं। सुदूरपश्चिम, करनाली और लुंबिनी प्रांतों के अधिकतर जिले भी अलर्ट पर हैं। शुक्रवार को किसी भी जिले को ग्रीन यानी कम-जोखिम श्रेणी में नहीं रखा गया।
शनिवार को खतरा और बढ़ने की आशंका है, खासकर पश्चिमी और मध्य पहाड़ी जिलों में। रविवार से सिस्टम पश्चिम की ओर खिसकेगा, जिससे पूर्वी नेपाल में राहत मिलेगी। सोमवार तक अधिकांश क्षेत्र चेतावनी से बाहर आ सकते हैं, जबकि मंगलवार तक पूरे देश के मौसम-चेतावनी मुक्त होने की उम्मीद है। विभाग ने नदी किनारे और भूस्खलन-प्रवण बस्तियों के निवासियों से विशेष सतर्कता बरतने को कहा है।
Updated on:
25 Sept 2026 11:06 pm
Published on:
25 Sept 2026 11:06 pm
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