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UN में जयशंकर ने गिनाए होर्मुज से ब्लैक सी तक भारतीय नाविकों पर हमले, बोले- निर्दोषों की जान लेना कतई बर्दाश्त नहीं

S Jaishankar on Seafarers Safety: विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने न्यूयॉर्क में 'शिपिंग और नाविकों की सुरक्षा और संरक्षा पर 'फ्रेंड्स ग्रुप' की बैठक के दौरान व्यापारिक जहाजों और नाविकों पर बढ़ते हमलों पर चिंता जताई। ओमान की खाड़ी, होर्मुज जलडमरूमध्य, लाल सागर और काला सागर में हुई घटनाओं का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि निर्दोष लोगों की जान लेने और वैश्विक व्यापार को बाधित करने वाली ऐसी हरकतें स्वीकार्य नहीं हैं।
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भारत

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Anand Shekhar

•

Sep 25, 2026

S Jaishankar on Shipping Attacks

भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर (फोटो- X@DrSJaishankar)

S Jaishankar on Shipping Attacks: न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के दौरान 'शिपिंग और नाविकों की सुरक्षा और संरक्षा पर फ्रेंड्स ग्रुप' की एक हाई-लेवल मीटिंग में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने कहा कि काला सागर से लेकर लाल सागर, ओमान की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य तक इंटरनेशनल कमर्शियल जहाजों और नाविकों पर हमले करना और मासूम नाविकों की जान लेना अस्वीकार्य है। विदेश मंत्री ने जोर देकर कहा कि समुद्री व्यापार को बाधित करने वाली और बेकसूरों की जान लेने वाली इन हरकतों को किसी भी तर्क से सही नहीं ठहराया जा सकता।

ओमान की खाड़ी और होर्मुज में हुए हमलों का दिया हवाला

विदेश मंत्री ने हाल की उन घटनाओं का ब्योरा दिया जिनमें भारतीय नाविकों की दुखद मौत हुई या वे लापता हो गए। उन्होंने बताया कि दो दिन पहले ओमान की खाड़ी में एंटीगुआ और बारबुडा के झंडे वाले बल्क कैरियर 'एमवी केप दाओ' पर हमला हुआ, जिसमें एक भारतीय नाविक की जान चली गई। उससे 10 दिन पहले पनामा के झंडे वाले तेल टैंकर 'एलगाया' पर होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरते समय हमला किया गया, जिसके बाद से एक भारतीय चालक दल सदस्य लापता है। उन्होंने कहा कि ये घटनाएं अब कोई अपवाद नहीं रह गई हैं, बल्कि पिछले कुछ महीनों से खाड़ी और लाल सागर के समुद्री रास्तों पर कमर्शियल जहाजों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है।

काला सागर में भी भारतीय नाविकों की जान गई

डॉ. जयशंकर ने कहा कि यह जानलेवा संकट सिर्फ पश्चिम एशिया तक सीमित नहीं है, काला सागर में भी ऐसी ही घटनाएं हुई हैं। उन्होंने बताया कि 18 जुलाई को रूसी जलक्षेत्र में 'MV ओमोर्फी' पर हमला हुआ, जिसमें चीफ ऑफिसर के तौर पर काम कर रहे एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई। ठीक अगले दिन ओडेसा से निकले 'MV गोल्डन लियो' पर हमला हुआ, जिसमें चार भारतीय नाविकों की जान चली गई। विदेश मंत्री ने बताया कि भारत के अलावा कई अन्य देशों के नाविक भी इन हमलों का शिकार हुए हैं, जिससे यह गंभीर वैश्विक चिंता का विषय बन गया है।

20 लाख नाविकों पर खतरा

जयशंकर ने बताया कि रोजाना 140 बिलियन डॉलर से ज्यादा का अंतरराष्ट्रीय व्यापार होता है, जिसमें से 80 प्रतिशत से ज्यादा समुद्री रास्तों से होता है। लगभग 20 लाख नाविक दुनिया भर के मर्चेंट बेड़े को चलाते हैं। उन्होंने कहा कि हाल के वैश्विक तनावों के कारण, नाविकों को न केवल जानलेवा हमलों का खतरा है, बल्कि उन्हें लंबे समय तक जहाजों पर रहना पड़ता है, क्रू बदलने में देरी होती है, परिवारों से दूर रहना पड़ता है और गंभीर मानसिक तनाव का सामना करना पड़ता है।