
हॉर्मुज स्ट्रेट में टैंकर पर हमले के बाद तीन भारतीयों की जान चली गई थी। पहले अमेरिका ने इस हमले का दावा किया था। अब भारत की ओर से दबाव बढ़ने के बाद अमेरिका अपने बयान से मुकर गया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि यह हमला ईरान ने किया है। ईरान को अपनी हरकतें सुधारनी होगी। भारतीय जहाजों पर ईरान से ड्रोन से हमला किया है।
ट्रंप ने कहा कि ईरान पूरी तरह से बेईमान तरीके से काम कर रहा है। समझौते की बात तो एक तरफ, अब तो उन्होंने भारतीय जहाजों पर ड्रोन हमला कर दिया।
उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि ईरान ने मीडिया में जो शर्तें लीक की हैं, उनका असली लिखित समझौते से कोई लेना-देना नहीं।
उन्होंने ईरान को कमजोर और दुखद बयान देने वाला बताया। ट्रंप ने कहा- ये बहुत बेईमान लोग हैं, इनके साथ अच्छे विश्वास से डील करना नामुमकिन है।
ट्रंप ने कहा- कल रात उनका ड्रोन हमला पूरी तरह नाकाम कर दिया गया, लेकिन यह बिल्कुल अस्वीकार्य है। बता दें कि हॉर्मुज में जहाजों पर हमले की खबर से भारत में सख्ती से प्रतिक्रिया आई है।
हॉर्मुज स्ट्रेट दुनिया का महत्वपूर्ण समुद्री रास्ता है, जहां से तेल का बड़ा व्यापार होता है। अगर यहां सुरक्षा भंग हुई तो भारत समेत कई देशों का आर्थिक नुकसान हो सकता है।
उधर, ट्रंप का आरोप है कि ईरान ने जो कुछ कहा, वह हकीकत से दूर है। उन्होंने फेक न्यूज को दिए गए बयानों को भी खारिज कर दिया। ट्रंप ने साफ किया कि असली लिखित शर्तें कुछ और हैं, लेकिन ईरान मीडिया के सामने अलग तस्वीर पेश कर रहा है।
वहीं, इस मामले में विशेषज्ञों का कहना है कि ट्रंप का यह बयान ईरान पर दबाव बढ़ाने की कोशिश है। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लंबे समय से चल रहा है। अब इसमें भारतीय हित भी जुड़ गए हैं, जो स्थिति को और गंभीर बनाता है।
भारत के लिए यह मसला बहुत महत्वपूर्ण है। हॉर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले भारतीय जहाजों पर हमला मतलब सीधे व्यापार पर खतरा है। भारत ईरान से तेल भी खरीदता रहा है, लेकिन हाल के वर्षों में स्थिति बदल गई है।
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, भारतीय नौसेना इस इलाके में सुरक्षा बढ़ा रही है। ट्रंप के बयान के बाद विदेश मंत्रालय भी नजर रखे हुए है। लोग पूछ रहे हैं - क्या भारत अब ईरान के खिलाफ कोई कदम उठाएगा?