
Asana tanker in Gulf of Aden: यमन के दक्षिणी तट के पास अदन की खाड़ी (Gulf of Aden) में शुक्रवार को कमर्शियल केमिकल प्रोडक्ट टैंकर 'Asana' पर हथियारबंद लोगों के कब्जा करने से हड़कंप मच गया है। समुद्री सुरक्षा सूत्रों का हवाला देते हुए, समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने बताया कि हथियारबंद हमलावरों ने अचानक हमला करके जहाज़ पर चढ़ाई की और उस पर पूरा कब्ज़ा कर लिया। इस घटना के तुरंत बाद ब्रिटिश नौसेना की प्रमुख विंग यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) ने एक इमरजेंसी सिक्योरिटी वॉर्निंग जारी की। हालात से निपटने के लिए दक्षिण कोरिया ने अपना एक युद्धपोत तुरंत घटना स्थल की ओर रवाना कर दिया है।
यह हाईजैकिंग यमन के अल मुकल्ला बंदरगाह से लगभग 65 नॉटिकल मील दक्षिण में अदन की खाड़ी के भीतर हुई। जब कमर्शियल केमिकल टैंकर इंटरनेशनल मैरीटाइम कॉरिडोर से होते हुए पूर्व की ओर जा रहा था, तो तेज रफ्तार नावों में सवार समुद्री लुटेरों या अज्ञात हमलावरों ने अचानक जहाज को घेर लिया। इन हथियारबंद लोगों ने जबरदस्ती जहाज पर चढ़ाई की, क्रू को बंधक बना लिया और कमांड ब्रिज पर कब्जा कर लिया।
ब्रिटिश समुद्री सुरक्षा समूह Ambrey के अनुसार, यह घटना शुक्रवार को लगभग 06:20 GMT पर हुई। कमर्शियल केमिकल टैंकर एक इंटरनेशनल समुद्री कॉरिडोर से होते हुए पूर्व की ओर जा रहा था, तभी अचानक समुद्री लुटेरों ने उसे घेर लिया। जैसे ही हमलावरों ने जहाज पर धावा बोला, क्रू ने तुरंत मदद के लिए इमरजेंसी 'डिस्ट्रेस कॉल' किया।
सुरक्षा एजेंसी के अनुसार घटना के समय टैंकर पर कोई हथियारबंद प्राइवेट सुरक्षा टीम तैनात नहीं थी, जिससे हमलावरों के लिए जहाज के कमांड ब्रिज पर कब्जा करना बहुत आसान हो गया। जहाज के डेटाबेस रिकॉर्ड से पता चलता है कि टैंकर का संचालन मार्शल आइलैंड्स की कंपनी 'एक्सॉन एनर्जी' करती है। ब्रिटिश समुद्री जोखिम प्रबंधन समूह 'वैनगार्ड' ने कहा कि जहाज पर मौजूद क्रू सदस्यों की मौजूदा स्थिति और हमलावरों की सही संख्या अभी स्पष्ट नहीं है।
शिप-ट्रैकिंग डेटा के विश्लेषण से पता चला कि केमिकल टैंकर कोई कन्फर्म या रजिस्टर्ड इंटरनेशनल झंडा नहीं लगा था। डेटा के अनुसार, जहाज सोमालिया के प्रमुख बंदरगाह बोसासो की ओर जा रहा था, जिसे उसके अगले पड़ाव के तौर पर लिस्ट किया गया था। ग्रीक समुद्री सुरक्षा कंपनी 'डायप्लस' के एक अधिकारी के अनुसार स्थिति को काबू में करने और क्रू को बचाने के लिए दक्षिण कोरियाई नौसेना का युद्धपोत उस इलाके में भेजा गया है।
समुद्री सुरक्षा सूत्रों के शुरुआती अनुमानों से पता चलता है कि इस हाईजैकिंग के पीछे यमन के ईरान-समर्थित हूथी विद्रोही नहीं हैं। असल में इस बात का शक है कि इसके पीछे सोमाली समुद्री लुटेरों का एक 'पायरेट एक्शन ग्रुप' है। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब पूरे समुद्री इलाके में जियोपॉलिटिकल तनाव चरम पर है।