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ईरान युद्ध खत्म करवाने के लिए पाकिस्तान के बाद चीन आया आगे, राष्ट्रपति जिनपिंग ने दिया बड़ा ऑफर

US Iran Tensions: शी जिनपिंग ने साफ कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून का इस्तेमाल सुविधा के हिसाब से नहीं होना चाहिए और दुनिया को जंगल के कानून की ओर नहीं लौटने देना चाहिए।
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Updated: 15 Apr 2026, 8:15 AM IST
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पाकिस्तान के बाद अमेरिका-ईरान की बातचीत के लिए चीन आया आगे (Photo-IANS)

Xi Jinping Middle East Peace Plan: पाकिस्तान के बाद अब चीन ने अमेरिका और ईरान युद्ध को रुकवाने के लिए आगे आया है। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने सऊदी अरब के प्रिंस सलमान के साथ एक बैठक की। इस दौरान उन्होंने चार सूत्रीय रोडमैप का प्रस्ताव रखा है। चीनी एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक, राष्ट्रपति जिनपिंग की यह पहल ऐसे समय आई है जब अमेरिकी और ईरान के बीच पाकिस्तान में युद्धविराम की वार्ता फेल हो गई थी।

क्या है चीन का चार सूत्रीय प्रस्ताव

राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष को लेकर चार अहम सिद्धांत सुझाए – 

1- शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के सिद्धांत का पालन

2- राष्ट्रीय संप्रभुता का सम्मान करने की अपील की

3-  विकास और सुरक्षा के समन्वय के सिद्धांतों पर भी जोर दिया

4- अंतरराष्ट्रीय नियम-आधारित व्यवस्था की रक्षा करने की आवश्यकता पर जोर दिया

शी जिनपिंग ने साफ कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून का इस्तेमाल सुविधा के हिसाब से नहीं होना चाहिए और दुनिया को जंगल के कानून की ओर नहीं लौटने देना चाहिए।

अमेरिका ने रोके 8 तेल टैंकर

वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान के इस्लामाबाद में शांति वार्ता फेल होने के बाद ईरानी पोर्ट्स पर नाकाबंदी शुरू होने के बाद से US सेना ने ईरान से जुड़े आठ तेल टैंकरों को रोका है।

होर्मुज में की नाकेबंदी

पाकिस्तान में वार्ता विफल होने के बाद ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को कई देशों के जहाजों के लिए बंद कर दिया। इसके जवाब में अमेरिका ने भी होर्मुज में नाकेबंदी शुरू कर दी। 

तनाव के बीच चीन का संकेत

इसी बीच, अमेरिका द्वारा प्रतिबंधित एक चीन से जुड़ा जहाज “Rich Starry” होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर गया। यह नाकेबंदी के बाद इस रास्ते से गुजरने वाले शुरुआती जहाजों में शामिल है, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।

US-चीन टकराव के संकेत

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर चीन ईरान को हथियार सप्लाई करता पाया गया तो उस पर 50% तक टैरिफ लगाया जा सकता है। इसके अलावा अमेरिकी वित्त मंत्री ने भी कहा कि चीन को ईरान का तेल नहीं लेने देंगे। इसके अलावा, यदि होर्मुज में चीन का जहाज आएगा तो उस पर हमला कर देंगे। 

Updated on:
15 Apr 2026, 8:15 AM IST
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