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अमेरिका-ईरान विवाद में आया नया मोड़, रूस ने युद्धविराम के लिए की मदद की पेशकश

US Iran Ceasefire Update: रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से फोन पर बातचीत की। इस दौरान दोनों नेताओं ने क्षेत्र में बिगड़ते हालात पर चर्चा की।
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भारत

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Ashib Khan

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Updated: 14 Apr 2026, 8:31 AM IST

अमेरिका-ईरान में वार्ता विफल रहने के बाद तनाव जारी है (Photo-IANS)

US-Iran War: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच रूस और ईरान के बीच कूटनीतिक हलचल तेज हो गई है। रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से फोन पर बातचीत की। इस दौरान दोनों नेताओं ने क्षेत्र में बिगड़ते हालात पर चर्चा की।

रूस के विदेश मंत्रालय के अनुसार, लावरोव ने साफ कहा कि पश्चिम एशिया में किसी भी नए सैन्य टकराव को रोकना बेहद जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि रूस संकट के समाधान के लिए हर संभव मदद देने को तैयार है।

पुतिन ने भी दिया मध्यस्थता का संकेत

इससे पहले, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन से बातचीत में यही रुख अपनाया। पुतिन ने कहा कि रूस अमेरिका-ईरान विवाद को सुलझाने के लिए मध्य की भूमिका निभाने को तैयार है।

21 घंटे की बातचीत बेनतीजा

गौरतलब है कि इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच करीब 21 घंटे तक चली उच्चस्तरीय वार्ता बिना किसी ठोस नतीजे के खत्म हो गई। हालांकि, दोनों पक्षों के बीच दो हफ्ते का सीजफायर अभी कायम है। इस वार्ता में पाकिस्तान, तुर्की, मिस्र और ओमान जैसे देशों ने मध्य की भूमिका निभाई।

ईरान ने अमेरिका पर उठाए सवाल

ईरान की ओर से वार्ता का नेतृत्व संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर ग़ालिबफ़ और विदेश मंत्री अराघची ने किया। ग़ालिबफ़ ने अमेरिका पर आरोप लगाया कि भविष्य को ध्यान में रखकर प्रस्ताव देने के बावजूद वाशिंगटन ईरान का भरोसा जीतने में नाकाम रहा।

होर्मुज में ट्रंप ने नाकेबंदी का किया ऐलान

अमेरिका-ईरान शांति वार्ता इस्लामाबाद में 21 घंटे चली लेकिन कोई समझौता नहीं हो सका। ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम और होर्मुज स्ट्रेट पर नियंत्रण छोड़ने से इनकार कर दिया। इसके तुरंत बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर ऐलान किया कि अमेरिकी नौसेना तत्काल प्रभाव से होर्मुज जलडमरूमध्य में नाकेबंदी शुरू करेगी। 

ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी नौसेना दुनिया की सबसे बेहतरीन है। हम होर्मुज से गुजरने वाले किसी भी जहाज को रोकेंगे जो ईरान को टोल दे रहा है। 13 अप्रैल से US Navy ने ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी लागू कर दी। गैर-ईरानी जहाजों को प्रभावित नहीं किया जाएगा, लेकिन ईरानी तेल निर्यात पूरी तरह ठप हो जाएगा।