
CJI Surya Kant AI Judiciar: भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने न्याय व्यवस्था में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस्तेमाल को लेकर बड़ा बयान दिया है। रूस के सुप्रीम कोर्ट में चेयरमैन इगोर क्रास्नोव के साथ बैठक में सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि एआई जजों की मदद कर सकता है, लेकिन किसी मामले का फैसला नहीं कर सकता है। उन्होंने बताया कि तकनीक अनुवाद, ट्रांसक्रिप्ट तैयार करने और प्रशासनिक कामों को आसान बना सकती है, लेकिन सबूतों की जांच, गवाहों की विश्वसनीयता तय करने और न्यायिक विवेक का इस्तेमाल करने की भूमिका इंसान की ही रहेगी।
सीजेआई ने कहा कि भारत और रूस की न्याय व्यवस्था अलग-अलग ऐतिहासिक रास्तों से विकसित हुई है, लेकिन दोनों के सामने एक जैसी चुनौती है कि तेजी से बदलती दुनिया में न्याय व्यवस्था पर लोगों का विश्वास कैसे बनाए रखा जाए। उन्होंने कहा कि अदालतों का मुख्य उद्देश्य हमेशा ऐसा न्याय देना होना चाहिए जिस पर आम जनता भरोसा कर सके।
मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि ऐआई जजों की केवल मदद कर सकता है। इसके जरिए जानकारी को व्यवस्थित करना भाषाओं का अनुवाद तैयार करना और प्रशासनिक काम आसान किए जा सकते हैं। हालांकि उन्होंने कहा कि ऐआई कि गवाहों की रिकॉर्ड तैयार करना और प्रशासनिक काम आसान किए जा सकते हैं। हालांकि उन्होंने कहा कि ऐआई गवाहों की विश्वसनीयता तय नहीं कर सकता, सबूतों का मूल्यांकन नहीं कर सकता और न्यायिक विवेक का इस्तेमाल नहीं कर सकता।
सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि अगर तकनीक अदालतों की क्षमता बढ़ाती है तो उसका सही इस्तेमाल करने के लिए न्यायिक अधिकारियों को बेहतर प्रशिक्षण देना भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि समय के साथ संस्थाएं बदल सकती हैं, नई तकनीक आ सकती है और नई चुनौतियां सामने आ सकती हैं, लेकिन अदालतों का मूल उद्देश्य न्याय देना और जनता का भरोसा बनाए रखना ही रहेगा। उन्होंने कहा कि संस्थाएं बदल सकती हैं, टेक्नोलॉजी बदल सकती हैं, और नई चुनौतियां सामने आ सकती हैं, लेकिन अदालतों का मूल मकसद न्याय को इस तरह बनाए रखना है जिससे जनता का भरोसा बना रहे।
जीजेआई सूर्यकांत ने भारत और रूस की न्याय व्यवस्था के बीच सहयोग बढ़ाने की बात कही। उन्होंने कहा कि दोनों देशों की न्यायिक अकादमियों के बीच अनुभव साझा करने, संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रमों और शोध सहयोग की काफी संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा, 'मुझे पूरा भरोसा है कि भारत के सुप्रीम कोर्ट और रूसी फेडरेशन के सुप्रीम कोर्ट के बीच लगातार बातचीत से हमारे संस्थान और मजबूत होंगे और दोनों देशों में न्याय-व्यवस्था बेहतर होगी।