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निचली अदालत से शुरू किया सफर, लड़े 3500 से ज्यादा केस; अब सुप्रीम कोर्ट के जज बने बिहार के चंद्रशेखर

Supreme Court Justice Chandrashekhar: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के चैनपुर गांव के लाल और बॉम्बे हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस एस चंद्रशेखर को सुप्रीम कोर्ट का जज नियुक्त किया गया है। उनके पद की शपथ लेते ही पैतृक गांव में उत्सव का माहौल है, जहां ग्रामीणों ने मंदिर में भव्य हवन-पूजन कर और मिठाइयां बांटकर खुशियां मनाईं।

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Supreme Court Justice Chandrashekhar

सुप्रीम कोर्ट जज श्री चंद्रशेखर (फ़ाइल फोटो)

Supreme Court Justice Chandrashekhar: मूल रूप से बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के चैनपुर गांव के रहने वाले और बॉम्बे हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस एस चंद्रशेखर को भारत के सर्वोच्च न्यायालय (सुप्रीम कोर्ट) में जज नियुक्त किया गया है। राष्ट्रपति की मुहर और विधि मंत्रालय की अधिसूचना जारी होने के बाद, उन्होंने देश की शीर्ष अदालत के न्यायाधीश के रूप में पद की गोपनीयता की शपथ ले ली है। जैसे ही यह खबर उनके पैतृक गांव पहुंची, पूरे इलाके में खुशी और उत्साह का ठिकाना नहीं रहा। गांव में उत्सव जैसा माहौल बन गया है।

पैतृक गांव चैनपुर में जश्न, मंदिर में हुआ भव्य हवन-पूजन

जानकारी के अनुसार, जस्टिस चंद्रशेखर का परिवार वर्तमान में प्रशासनिक व अन्य कारणों से गांव से बाहर रहता है, लेकिन अपनी जन्मभूमि और मिट्टी से उनका जुड़ाव आज भी उतना ही गहरा है। ग्रामीणों को जैसे ही उनके सुप्रीम कोर्ट में जज बनने की आधिकारिक सूचना मिली, गांव के शुभचिंतक, मित्र और रिश्तेदार एक जगह एकत्रित हो गए।

जस्टिस चंद्रशेखर के पैतृक घर के ठीक सामने स्थित मंदिर में एक भव्य और विधिवत पूजन-हवन का आयोजन किया गया। गांव के पुरोहितों और बुजुर्गों ने बैठकर मंत्रोच्चार के साथ आहुति दी और जस्टिस चंद्रशेखर के उज्ज्वल भविष्य तथा दीर्घायु होने की कामना की। पूजा संपन्न होने के बाद पूरे गांव में बड़े पैमाने पर मिठाइयां बांटी गईं।

पिता हैं रिटायर्ड इंजीनियर

गांव के बुजुर्गों ने बताया कि जस्टिस श्री चंद्रशेखर के पिता श्याम किशोर जी एक बहुत ही सम्मानित और कर्तव्यनिष्ठ रिटायर्ड इंजीनियर हैं। उन्होंने हमेशा अपने बच्चों में उच्च नैतिक चरित्र, सादगी और शिक्षा के प्रति जुनून जैसे मूल्यों को भरा। इसी वजह से आज उनके बेटे ने न्यायपालिका के शिखर पर पहुंचकर पूरे राज्य का मान बढ़ाया है। चैनपुर गांव के लोग बताते हैं कि जब भी जज साहब का परिवार गांव आता है, तो उनका व्यवहार सभी के प्रति बेहद सौम्य और जमीन से जुड़ा रहता है। ग्रामीणों ने कहा कि हमारे गांव का एक बेटा अब देश की सबसे बड़ी अदालत में न्याय की कुर्सी पर बैठेगा, हमारे लिए इससे बड़ा सौभाग्य और क्या हो सकता है?

निचली अदालतों से शुरू हुआ सफर, 3500 से ज्यादा केस लड़े

25 मई 1965 को जन्मे जस्टिस श्री चंद्रशेखर ने दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित कैंपस लॉ सेंटर से अपनी कानूनी शिक्षा पूरी की और 1993 में LLB की डिग्री हासिल की। ​​9 दिसंबर 1993 को वो दिल्ली स्टेट बार काउंसिल में एक वकील के तौर पर रजिस्टर्ड हुए। उन्होंने अपने कानूनी करियर की शुरुआत किसी बड़े कॉर्पोरेट घराने के साथ या सीधे हाईकोर्ट में नहीं की। बल्कि, उन्होंने दिल्ली की निचली अदालतों में काम करके अनुभव प्राप्त किया।

कड़ी मेहनत के दम पर महज तीन साल के भीतर ही श्री चंद्रशेखर सुप्रीम कोर्ट में वकालत करने पहुंच गए। उन्होंने देश की सर्वोच्च अदालत में लगभग 19 वर्षों तक सक्रिय रूप से वकालत की। इस दौरान, उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में 3,500 से ज्यादा मामलों में अलग-अलग पक्षों की पैरवी की, जिसमें 140 से ज्यादा रिपोर्टेड जजमेंट्स शामिल हैं जो आज भी कानून की किताबों में मिसाल के तौर पर इस्तेमाल किए जाते हैं।

झारखंड, राजस्थान और बॉम्बे में रहे जज

श्री चंद्रशेखर की योग्यता को देखते हुए जनवरी 2013 में उन्हें झारखंड हाई कोर्ट में एडिशनल जज के तौर पर नियुक्त किया गया। इसके बाद जून 2014 में उन्हें उसी अदालत में परमानेंट जज के पद पर प्रमोट किया गया। इसके बाद दिसंबर 2023 से जुलाई 2024 तक झारखंड उच्च न्यायालय के एक्टिंग चीफ जस्टिस के रूप में कार्य किया। जहां से उनका ट्रांसफर राजस्थान उच्च न्यायालय में हो गया।

राजस्थान के हाई कोर्ट के बाद जुलाई 2025 में वह बॉम्बे हाई कोर्ट भेजे गए। वहां शानदार कार्यप्रणाली के बाद उन्हें बॉम्बे हाई कोर्ट का चीफ जस्टिस बनाया गया। अब सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश पर राष्ट्रपति ने उन्हें देश की सर्वोच्च अदालत का न्यायाधीश नियुक्त किया है।

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