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मंत्री पद से इस्तीफा देंगे दीपक प्रकाश? सुप्रीम कोर्ट के नोटिस पर बोले- मुझे आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं मिला

Deepak Prakash on Supreme Court notice: बिना MLA या MLC बने मंत्री के तौर पर दोबारा नियुक्ति को लेकर सुप्रीम कोर्ट से नोटिस पर बिहार के पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि उन्हें अभी तक कोई आधिकारिक कॉपी नहीं मिली है और उन्हें इस मामले के बारे में सिर्फ़ मीडिया के ज़रिए पता चला है।

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पटना

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Anand Shekhar

Jun 16, 2026

bihar minister deepak prakash

बिहार सरकार में पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश (फोटो- दीपक प्रकाश फेसबुक)

Bihar Minister Deepak Prakash: राष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा के बेटे और बिहार सरकार में पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश की कुर्सी पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। बिना विधायक (MLA) या विधान परिषद सदस्य (MLC) बने दोबारा मंत्री पद की शपथ लेने के मामले में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार और चुनाव आयोग को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया था। इस संबंध में मंगलवार को मंत्री दीपक प्रकाश ने अपनी चुप्पी तोड़ी। पटना में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने अपने इस्तीफे की अटकलों और सुप्रीम कोर्ट की कार्रवाई पर अपना पक्ष रखा।

आधिकारिक तौर पर नोटिस नहीं मिला - दीपक प्रकाश

सुप्रीम कोर्ट के नोटिस और मंत्री पद छोड़ने की संभावना से जुड़े सवालों पर दीपक प्रकाश ने नपे-तुले अंदाज़ में जवाब दिया। दीपक प्रकाश ने कोर्ट की कार्रवाई पर जवाब देते हुए कहा, "मुझे अभी तक कोर्ट से कोई आधिकारिक नोटिस नहीं मिला है। मुझे इसके बारे में सिर्फ़ मीडिया से पता चला है। जब मुझे आधिकारिक तौर पर नोटिस मिल जाएगा, तो उसके बाद ही मैं इस पर विस्तार से कुछ कह पाऊंगा या बता पाऊंगा।"

इस्तीफे के सवाल पर दीपक प्रकाश ने दिया जवाब

जब दीपक प्रकाश से पूछा गया कि क्या वह इस्तीफ़ा देंगे या विपक्ष के बढ़ते दबाव के बीच अपने पद पर बने रहेंगे, तो उन्होंने यह मामला NDA के शीर्ष नेतृत्व पर छोड़ दिया। उन्होंने कहा, "अभी मैं मंत्री हूं, जैसा कि पहले था। मैं उसी तरह अपनी मंत्री पद की ज़िम्मेदारियां निभा रहा हूं। इस मामले में आगे कोई भी राजनीतिक या संवैधानिक फ़ैसला हमारे गठबंधन (NDA) का शीर्ष नेतृत्व करेगा।"

क्या है विवाद?

दीपक प्रकाश किसी भी सदन के सदस्य बने बिना नवंबर 2025 में नीतीश कैबिनेट में मंत्री बने और लगभग पांच महीने तक इस पद पर रहे। इसके बाद अप्रैल 2026 में सम्राट चौधरी के नेतृत्व में नई सरकार बनी। सम्राट चौधरी की कैबिनेट में दीपक प्रकाश ने एक बार फिर पंचायती राज मंत्री के तौर पर शपथ ली। इस बीच के समय में वे 22 दिनों तक मंत्री पद पर नहीं रहे।

याचिकाकर्ता का आरोप है कि यह संवैधानिक नियमों का उल्लंघन है। अनुच्छेद 164(4) के तहत मिली छूट का लाभ जीवन में केवल एक बार ही उठाया जा सकता है। इसे बार-बार किश्तों में या बनावटी अंतराल बनाकर फिर से शुरू नहीं किया जा सकता।

अनुच्छेद 164(4) क्या है?

भारतीय संविधान का अनुच्छेद 164(4) यह प्रावधान करता है कि कोई व्यक्ति जो विधानसभा (MLA) या विधान परिषद (MLC) का सदस्य नहीं है, वह अधिकतम छह महीने की अवधि के लिए मंत्री पद संभाल सकता है। इस समय-सीमा के भीतर उनके लिए विधानसभा या विधान परिषद में से किसी एक का सदस्य बनना अनिवार्य है।