कोलंबियाई राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने सोशल मीडिया पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को जवाब देते हुए कहा कि अगर तुम कोलंबिया पर हमला करोगे तो यह मेरी गिरफ्तारी नहीं, बल्कि लैटिन अमेरिका की आजादी पर हमला होगा। आओ, मैं इंतजार कर रहा हूं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कोलंबिया में सैन्य कार्रवाई की धमकी के बाद कोलंबियाई राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने कड़ा रुख अपनाया है। पेट्रो ने ट्रंप को सीधे चुनौती देते हुए कहा, 'आओ मुझे पकड़ो, मैं तुम्हारा इंतजार कर रहा हूं।' यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका ने कोलंबिया के ड्रग कार्टेल्स के खिलाफ सैन्य अभियान चलाने की चेतावनी दी है।
ट्रंप ने हाल ही में कहा कि कोलंबिया से अमेरिका पहुंचने वाली ड्रग्स की समस्या पर काबू पाने के लिए जरूरत पड़ी तो सैन्य कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कोलंबियाई सरकार पर आरोप लगाया कि वह ड्रग कार्टेल्स को रोकने में नाकाम रही है। ट्रंप ने पनामा नहर को बंद करने की भी धमकी दी, जिससे कोलंबिया की अर्थव्यवस्था पर गहरा असर पड़ सकता है। यह बयान वेनेजुएला में हालिया अमेरिकी सैन्य अभियान के बाद आया, जहां निकोलस मादुरो को गिरफ्तार किया गया था। ट्रंप प्रशासन का दावा है कि कोलंबिया के कुछ क्षेत्र कार्टेल्स के नियंत्रण में हैं, जो फेंटानिल जैसी घातक ड्रग्स की तस्करी कर रहे हैं।
अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता ने कहा कि कोलंबिया को सहयोग बढ़ाना चाहिए, वरना एकतरफा कार्रवाई संभव है। यह धमकी लैटिन अमेरिका में अमेरिकी हस्तक्षेप की पुरानी नीति की याद दिलाती है।
6 जनवरी 2026 को सोशल मीडिया पर पेट्रो ने ट्रंप को जवाब दिया। उन्होंने कहा, “अगर तुम कोलंबिया पर हमला करोगे तो यह मेरी गिरफ्तारी नहीं, बल्कि लैटिन अमेरिका की आजादी पर हमला होगा। आओ, मैं इंतजार कर रहा हूं।” पेट्रो ने इसे साम्राज्यवादी रवैया करार दिया और कहा कि कोलंबिया अपनी संप्रभुता की रक्षा करेगा। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि अमेरिकी धमकियों का विरोध करें।
पेट्रो, जो कोलंबिया के पहले वामपंथी राष्ट्रपति हैं, ने घरेलू स्तर पर भी समर्थन जुटाया। उन्होंने कहा कि ड्रग समस्या का समाधान सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि सामाजिक सुधार और गरीबी उन्मूलन है। उनके समर्थकों ने बोगोटा में प्रदर्शन कर ट्रंप के बयान की निंदा की।
यह विवाद लैटिन अमेरिका में तनाव बढ़ा रहा है। ब्राजील के राष्ट्रपति लूला ने पेट्रो का समर्थन किया और कहा कि अमेरिकी हस्तक्षेप अस्वीकार्य है। संयुक्त राष्ट्र ने दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर सैन्य अभियान हुआ तो यह क्षेत्रीय युद्ध छिड़ सकता है। पनामा नहर का मुद्दा भी गर्माया है, क्योंकि ट्रंप ने कहा कि ड्रग तस्करी रोकने के लिए नहर को नियंत्रित किया जा सकता है। पनामा सरकार ने इसे संप्रभुता का उल्लंघन बताया।