
अफ्रीकी देशों में तख्तापलट का चलन काफी बढ़ रहा है। इन देशों में सेना का प्रभाव काफी ज़्यादा होता है और अक्सर ही इस बात का फायदा उठाकर सैन्य अधिकारी देश की सत्ता हड़पने की कोशिश करते हैं। ऐसा ही पश्चिम अफ्रीकी देश बेनिन (Benin) में रविवार को देखने को मिला, जब सैनिकों के एक समूह ने देश में तख्तापलट करने की कोशिश की। उन्होंने टीवी पर भी इस बारे में ऐलान किया। हालांकि फिर कुछ ऐसा हुआ जिसकी उन्होंने उम्मीद भी नहीं की होगी।
बेनिन में सैन्य तख्तापलट की कोशिश नाकाम हो गई। देश के राष्ट्रपति पैट्रिस टैलॉन (Patrice Talon) ने इस बारे में जानकारी दी और कहा कि बेनिन में स्थिति पूरी तरह से कंट्रोल में है और चिंता की कोई बात नहीं है।
बेनिन में रविवार को सुबह सैनिकों के एक समूह ने लेफ्टिनेंट कर्नल पस्कल टिग्री के नेतृत्व में देश के राष्ट्रपति टैलॉन के पोर्टो-नोवो स्थित आवास पर हमला कर दिया। इसके बाद उन्होंने टीवी पर ऐलान किया कि देश में तख्तापलट हो गया है और टैलॉन को राष्ट्रपति पद से हटा दिया गया है। सैनिकों के इस समूह ने खुद को 'मिलिट्री कमेटी फॉर रिफाउंडेशन' नाम दिया। उन्होंने देश की सीमाओं को भी बंद करने का आदेश दिया। हालांकि शाम को राष्ट्रपति टैलॉन ने टीवी पर आकर बताया कि सरकार ने सेना के साथ मिलकर देश में तख्तापलट की कोशिश को नाकाम कर दिया।
टैलॉन ने बताया कि बेनिन में तख्तापलट करने की साजिश करने वाले कई विद्रोहियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और कई विद्रोहियों की तलाश जारी है। टैलॉन ने साफ कर दिया है कि विद्रोहियों को सज़ा दी जाएगी।
बेनिन में तख्तापलट को रोकने में नाइजीरिया (Nigeria) ने भी सरकार की मदद की। नाइजीरियाई राष्ट्रपति बोलाह टिनुबू (Bola Tinubu) ने बॉर्डर पर फाइटर जेट्स और सैनिक तैनात किए, जो बेनिन में एयरस्पेस पर कंट्रोल करते हुए विद्रोहियों को रोकने में कारगरसाबित हुए। कुछ पश्चिम अफ्रीकी सेनाओं ने भी तैनाती की जिससे स्थिति को काबू में लाने में मदद मिली।