
Donald Trump: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर अपने विवादित बयान को लेकर चर्चा में हैं। कंसास और आयोवा में चुनावी रैलियां रद्द करने पर जब रॉयटर्स के पत्रकार ने उनकी सेहत को लेकर सवाल पूछा तो ट्रंप भड़क गए। उन्होंने सवाल का जवाब देने के बजाय पत्रकार के शारीरिक रूप-रंग पर टिप्पणी कर दी और कहा, 'तुम घिनौने हो, अपनी फिटनेस पर ध्यान दो।'
यह पूरी घटना उस समय शुरू हुई जब एक पत्रकार ने राष्ट्रपति ट्रंप से उनकी सेहत और कंसास तथा आयोवा में चुनावी रैलियां रद्द करने के फैसले को लेकर सवाल पूछा। पत्रकार ने जानना चाहा कि क्या लगातार चुनाव प्रचार करने के कारण उन्हें अस्वस्थ महसूस हो रहा है, जिसके चलते यह कदम उठाया गया है। इस सवाल से भड़के ट्रंप ने पत्रकार को तीखा जवाब देते हुए कहा कि ऐसा सवाल पूछना 'बीमार मानसिकता' को दर्शाता है। जब पत्रकार ने अपनी पहचान रॉयटर्स के रूप में दी, तो ट्रंप ने एजेंसी पर भी निशाना साधा और कहा कि रॉयटर्स बहुत खराब है।
जब पत्रकार ने स्पष्ट किया कि वह केवल राष्ट्रपति की सेहत के बारे में जानना चाहते हैं, तो ट्रंप ने उनके शारीरिक रूप-रंग और फिटनेस पर टिप्पणी शुरू कर दी। उन्होंने सबके सामने पत्रकार की नकल उतारी और कहा, 'इस आदमी को देखो, यह बिल्कुल फिट नहीं है।' अपनी सेहत का बचाव करते हुए ट्रंप ने कहा कि वे दो हफ्तों से खुद पर नजर रख रहे हैं और बिल्कुल स्वस्थ महसूस कर रहे हैं। इसके बाद उन्होंने पत्रकार पर व्यक्तिगत टिप्पणी करते हुए कहा, 'तुम घिनौने हो। अपनी फिटनेस पर ध्यान दो। तुम बहुत बुरे दिख रहे हो।'
यह तीखी बहस ऐसे समय में सामने आई है, जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सप्ताहांत में कंसास के सलीना और आयोवा के डब्यूक में होने वाले चुनावी कार्यक्रम रद्द कर दिए गए हैं। आगामी मंगलवार को होने वाले मध्यावधि चुनावों से पहले इन दोनों राज्यों में रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवारों को कड़ी चुनावी चुनौती मिल रही है। व्यक्तिगत रूप से रैलियों में शामिल होने के बजाय ट्रंप के चुनावी फंडिंग समूह 'MAGA Inc' ने चुनाव से पहले 19 राज्यों में टेली-रैलियां आयोजित करने की घोषणा की है। इनमें कंसास और आयोवा भी शामिल हैं। 1 अक्टूबर से अब तक ट्रंप रिपब्लिकन उम्मीदवारों के समर्थन में 19 राज्यों में 25 बड़ी रैलियां कर चुके हैं। हालांकि, दो कार्यक्रम रद्द होने के बावजूद उनके शुक्रवार को एक अन्य चुनावी कार्यक्रम के लिए फ्लोरिडा जाने की उम्मीद है। मध्यावधि चुनाव नजदीक आने के साथ ही अमेरिका में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है।