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US-Iran: अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल की इस्लामाबाद यात्रा रद्द, डोनाल्ड ट्रंप बोले-’18 घंटे की उड़ान का कोई मतलब नहीं’

Donald Trump on US-Iran Peace Talks: अमेरिका-ईरान शांति समझौते पर फिरा पानी। ट्रंप ने इस्लामाबाद में होने वाली हाई-प्रोफाइल बैठक को अनावश्यक बताकर टाला।
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Apr 25, 2026
Donald Trump
Donald Trump (Photo - Washington Post)

US-Iran Peace Talks: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को कहा कि उन्होंने पश्चिम एशिया में ईरान के साथ दूसरे दौर की शांति वार्ता के लिए विशेष दूत स्टीव विटकॉफ, वरिष्ठ सलाहकार और उनके दामाद जेरेड कुशनर के नेतृत्व में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल की इस्लामाबाद यात्रा रद्द कर दी है।

इस की जानकारी 'फॉक्स न्यूज' की व्हाइट हाउस संवाददाता आयशा हसनी ने X पर एक पोस्ट में साझा की, जिसमें उन्होंने कहा कि ट्रंप ने वाशिंगटन से आने वाले प्रतिनिधिमंडल की यात्रा को रद्द कर दिया, क्योंकि बैठकें अनावश्यक और बेकार थीं।

डोनाल्ड ट्रंप ने क्या कहा?

डोनाल्ड ट्रंप ने तल्ख अंदाज में कहा, 'मैंने अभी अपने लोगों से कहा, जो जाने की तैयारी कर रहे थे, कि आप वहां जाने के लिए 18 घंटे की उड़ान नहीं भर सकते। हमारे पास संचार के सभी विकल्प खुले हैं। वे (ईरान) जब चाहें हमें फोन कर सकते हैं, लेकिन महज बेकार की बातों के लिए 18 घंटे का सफर तय करना तर्कसंगत नहीं है।'

यह घटनाक्रम उस समय सामने आया जब ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तानी नेतृत्व के साथ उच्च स्तरीय बैठकें पूरी कर इस्लामाबाद से रवाना ही हुआ था।

अल जज़ीरा की एक रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी पक्ष ने पश्चिमी एशिया में संघर्ष के स्थायी समाधान के लिए पाकिस्तानी नेताओं को 'मांगों की एक आधिकारिक सूची' सौंपी थी, जिसे अमेरिका और इजरायल तक पहुंचाया जाना था।

अराघची के प्रस्थान और डोनाल्ड ट्रंप के इनकार ने प्रभावी रूप से इस्लामाबाद की उन उम्मीदों को खत्म कर दिया है, जिसमें वह सीधी बातचीत के दूसरे दौर की मेजबानी करने वाला था। ईरानी विदेश मंत्री अब ओमान और रूस की यात्रा पर निकल चुके हैं।

ईरान का रुख और भविष्य की चुनौतियां

ईरान के 'सैद्धांतिक रुख' को स्पष्ट करते हुए अराघची ने टेलीग्राम पर एक बयान जारी किया, जिसमें उन्होंने अमेरिकी और इजरायली सेनाओं द्वारा थोपे गए युद्ध की समाप्ति और युद्धविराम से संबंधित शर्तों का उल्लेख किया।

आपको बता दें कि इससे पहले इस्लामाबाद में आयोजित वार्ता का पहला दौर लगभग 21 घंटों तक चला था, लेकिन उसका कोई ठोस परिणाम नहीं निकला। इस बातचीत में अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और ईरानी संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ शामिल थे। वहीं दूसरे दौर के वार्ता को लेकर हुए ड्रामे ने एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है कि पश्चिम एशिया में शांति का मार्ग अभी भी बेहद जटिल और अनिश्चित बना हुआ है।

Updated on:
25 Apr 2026 10:59 pm
Published on:
25 Apr 2026 10:58 pm