
Donald Trump on China Iran weapons deal: पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव जारी है। दोनों देश एक-दूसरे के सैन्य ठिकानों को निशाना बना रहे हैं। इस बीच चीन निर्मित 400 शोल्डर-फायर एयर डिफेंस मिसाइल लॉन्चर की पहली खेप जल्द ईरान पहुंचने की खबर से अमेरिका में हलचल बढ़ गई है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस मामले पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यदि चीन ईरान को हथियार उपलब्ध कराता है तो उन्हें काफी निराशा होगी। अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी दोहराया कि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने उनसे वादा किया था कि मौजूदा हालात में बीजिंग तेहरान को हथियार नहीं बेचेगा।
डोनाल्ड ट्रंप पहले भी ईरान को चीन द्वारा हथियार मिलने की संभावना पर चिंता जता चुके हैं। उन्होंने अप्रैल में कहा था कि शी जिनपिंग ने उन्हें पत्र लिखकर आश्वस्त किया था कि बीजिंग तेहरान को हथियार नहीं भेज रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह चेतावनी भी दी थी कि ईरान को हथियार मुहैया कराने वाले देशों से होने वाले आयात पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाया जा सकता है। हालांकि, ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन ईरान को सीधे तौर पर हथियारों का निर्यात नहीं करता, लेकिन वह दोहरे इस्तेमाल वाली तकनीक उपलब्ध कराता है।
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, आने वाले कुछ हफ्तों में ईरान को चीन निर्मित 400 शोल्डर-फायर एयर डिफेंस मिसाइल लॉन्चर की पहली खेप मिल सकती है। दोनों देशों के बीच यह सौदा करीब 6 से 7 करोड़ डॉलर का बताया जा रहा है। इसे ईरान की ओर से कम दूरी की हवाई सुरक्षा मजबूत करने की सबसे बड़ी कोशिशों में से एक माना जा रहा है।
कथित समझौते में 300 से 400 मैन-पोर्टेबल एयर डिफेंस सिस्टम (MANPADS) की खरीद शामिल है। इनमें चीन निर्मित QW-12 और FN-16 मिसाइल सिस्टम भी शामिल बताए जा रहे हैं।
हालांकि, चीन ने इन रिपोर्टों को सिरे से खारिज कर दिया है। इस संबंध में चीनी विदेश मंत्रालय की ओर से बयान भी सामने आया है। मंत्रालय ने कहा कि संबंधित रिपोर्ट पूरी तरह निराधार हैं। चीन हमेशा शांति को बढ़ावा देने और संघर्ष खत्म करने में रचनात्मक भूमिका निभाता रहा है।