
Donald Trump Iran Warning: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर बड़ी चेतावनी दी है। कहा है कि अमेरिका आज रात ईरान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगा। ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका ईरान के प्रमुख तेल निर्यात केंद्र खार्ग द्वीप और उसके तेल-गैस कारोबार पर अपना कंट्रोल हासिल करेगा। ट्रंप के इस बयान के बाद मिडिल ईस्ट में तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा, "अमेरिका आज रात ईरान पर बहुत जोरदार हमला करेगा।" उन्होंने दावा किया कि ईरान की नौसेना, वायुसेना, रडार, एंटी-एयरक्राफ्ट सिस्टम और उसकी अधिकांश आक्रामक सैन्य क्षमता पहले ही खत्म हो चुकी है।
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ईरान के प्रमुख तेल निर्यात केंद्र खार्ग द्वीप (Kharg Island) के साथ-साथ अन्य तेल अवसंरचना प्रतिष्ठानों पर भी नियंत्रण स्थापित करेगा। उन्होंने यह भी दावा किया कि अमेरिका ईरान के तेल और गैस बाजार पर पूर्ण नियंत्रण हासिल करेगा, जैसा उसने वेनेजुएला में किया था।
यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच हवाई हमलों का दौर जारी है। ट्रंप इससे पहले भी ईरान को चेतावनी दे चुके हैं कि यदि तेहरान उनकी शांति समझौते की शर्तों को स्वीकार नहीं करता है तो और हमले किए जा सकते हैं। वहीं ईरान ने भी बल प्रयोग की स्थिति में कड़ी प्रतिक्रिया देने की चेतावनी दी है।
खार्ग द्वीप ईरान का सबसे बड़ा कच्चे तेल का निर्यात केंद्र माना जाता है। यह छोटा सा द्वीप देश के अधिकांश तेल निर्यात को संभालता है और ईरानी अर्थव्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। यहां किसी भी तरह की बाधा का सीधा असर ईरान के ऊर्जा व्यापार पर पड़ सकता है।
यह द्वीप उत्तरी खाड़ी में ईरान के तट से लगभग 26 किलोमीटर दूर और होर्मुज जलडमरूमध्य से करीब 483 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में स्थित है। गहरे पानी की वजह से यहां बड़े तेल टैंकर आसानी से आ-जा सकते हैं, जबकि ईरान के मुख्य तट पर यह सुविधा सीमित है।
रणनीतिक महत्व के कारण खार्ग द्वीप की सुरक्षा बेहद कड़ी रहती है। इसकी निगरानी इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) करता है और यहां आम लोगों की पहुंच सीमित है।
रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका ने पहले भी खार्ग द्वीप पर जमीनी कार्रवाई के विकल्पों पर विचार किया था लेकिन 8 अप्रैल को हुए युद्धविराम के बाद ऐसी कोई योजना लागू नहीं हो सकी। अमेरिकी अधिकारियों ने पहले चेतावनी दी थी कि जमीनी अभियान की स्थिति में अमेरिकी सैनिकों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है क्योंकि यह इलाका ईरानी मिसाइल प्रणालियों की जद में आता है। रिपोर्टों में यह भी कहा गया था कि ईरान ने संभावित घेराबंदी को रोकने के लिए द्वीप के आसपास सुरक्षा इंतजाम और मजबूत किए थे।