Donald Trump Defends H1-B Visa: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में एक इंटरव्यू में H1-B वीज़ा के बचाव में एक बड़ा बयान दिया है। क्या कहा ट्रंप ने? आइए जानते हैं।
अमेरिका (United States Of America) के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने पिछले कुछ समय में H1-B के नियमों में काफी सख्ती कर दी है। इसका असर कई भारतीयों पर भी पड़ा है। ट्रंप के कई समर्थक भी इस वीज़ा का पुरजोर विरोध करते हैं क्योंकि उनका मानना है कि इससे अमेरिकियों से नौकरी छिनती हैं। लेकिन अब ट्रंप ने एक इंटरव्यू के दौरान ऐसा बयान दे दिया है जिससे लग रहा है कि H1-B वीज़ा पर उनका रुख बदल गया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने हाल ही में एक न्यूज़ चैनल को इंटरव्यू दिया। इस इंटरव्यू के दौरान टीवी होस्ट ने ट्रंप से सवाल किया कि क्या वह अमेरिका में H1-B वीज़ा योजना को कम करेंगे? इसके जवाब में ट्रंप ने कहा कि वह ऐसा नहीं करेंगे क्योंकि अमेरिका को इस योजना की ज़रूरत है।
अमेरिका में H1-B वीज़ा की ज़रूरत पर बात करते हुए ट्रंप ने कहा, "अमेरिका में टैलेंटेड वर्कर्स की कमी है। ऐसे में देश को विदेशी वर्कर्स की ज़रूरत है जिन्हें दूसरे देशों से लाना पड़ता है। जब टीवी होस्ट ने तर्क दिया कि अमेरिका में पहले से ही पर्याप्त टैलेंटेड लोग हैं, तो ट्रंप ने इस तर्क को खारिज कर दिया।
H1-B वीज़ा पर ट्रंप का रुख अचानक बदलने से मन में सवाल आना स्वाभाविक है कि ऐसा कैसे हुआ? ट्रंप को भी पता है कि प्रतिस्पर्धा के इस दौर में भारत (India), चीन (China) और अन्य देश तेज़ी से आगे बढ़ रहे हैं। ऐसे में अमेरिका को अपना दबदबा कायम रखने के लिए इन देशों के टैलेंटेड लोगों की ज़रूरत है। बिना विदेशी वर्कर्स के अमेरिका की अर्थव्यवस्था पर ही नहीं, कई अहम सेक्टर्स पर भी गहरा असर पड़ सकता है।