विदेश

Donald Trump: ब्रिटिश पीएम कीर स्टार्मर के इस्तीफे पर डोनाल्ड ट्रंप का आया पहला बयान, बोले- ‘वे NATO पर हमारे साथ अच्छे नहीं थे’

Keir Starmer resignation: ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर के इस्तीफे पर डोनाल्ड ट्रंप का पहला बयान सामने आया है। ट्रंप ने NATO, ऊर्जा नीति, नॉर्थ सी ऑयल, इमिग्रेशन और अपराध के मुद्दों पर स्टारमर की आलोचना की है।
2 min read
Jun 23, 2026
America-US war
डोनाल्ड ट्रंप(फोटो-IANS)

Donald Trump on Keir Starmer: ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के इस्तीफे के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का पहला बयान सामने आया है। ट्रंप ने स्टारमर पर NATO के मुद्दों पर निशाना साधते हुए कहा कि वे अमेरिका के साथ अच्छे नहीं थे। हालांकि उन्होंने अंत में यह भी कहा कि वह स्टारमर के लिए शुभकामनाएं देते हैं। लेबर पार्टी के भीतर बढ़ते दबाव के बीच स्टार्मर ने सोमवार को प्रधानमंत्री पद छोड़ने का ऐलान किया था। उन्होंने कहा कि वह किंग को अपने फैसले की जानकारी दे चुके हैं और नए नेता के चुने जाने तक कार्यवाहक प्रधानमंत्री के रूप में पद पर बने रहेंगे।

ट्रंप ने क्या कहा


स्टार्मर के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुए ट्रंप ने कहा कि उन्होंने पहले भी स्टार्मर से साफ शब्दों में कहा था कि ब्रिटेन अपनी ऊर्जा नीति में बड़ी गलती कर रहा है। ट्रंप के मुताबिक, ब्रिटेन के पास नॉर्थ सी में तेल संसाधन हैं, लेकिन पर्यावरणीय कारणों का हवाला देकर ड्रिलिंग की अनुमति नहीं दी जा रही है। ट्रंप ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि स्टार्मर 'हमारे साथ NATO पर अच्छे नहीं थे।' उन्होंने आरोप लगाया कि एक मौके पर स्टार्मर ने अमेरिका को किसी द्वीप के इस्तेमाल की अनुमति देने में देरी की थी, जिससे उन्हें राजनीतिक नुकसान हुआ। ट्रंप ने यह भी कहा कि स्टार्मर की सरकार के सामने दो बड़ी समस्याएं ऊर्जा और इमिग्रेशन थीं, जबकि अपराध भी एक बड़ा मुद्दा बन चुका था।

इस्तीफे के बाद क्या बोले स्टार्मर


डाउनिंग स्ट्रीट से जारी अपने बयान में स्टारमर ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री पद से हटने का फैसला ले लिया है और अब लेबर पार्टी नए नेता के चयन की प्रक्रिया आगे बढ़ाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सत्ता हस्तांतरण तक वह जिम्मेदारी संभालते रहेंगे।

स्टार्मर ने 2024 के आम चुनाव में लेबर पार्टी को भारी जीत दिलाकर 14 साल पुराने कंजर्वेटिव शासन का अंत किया था। लेकिन सत्ता में आने के करीब दो साल के भीतर ही उनकी लोकप्रियता और पार्टी की पकड़ दोनों कमजोर पड़ती गईं।

स्टारमर पर दबाव क्यों बढ़ा


पिछले कई हफ्तों से स्टार्मर के नेतृत्व पर सवाल उठ रहे थे। लेबर पार्टी के भीतर असंतोष बढ़ रहा था और स्थानीय चुनावों में खराब प्रदर्शन के बाद नेतृत्व परिवर्तन की मांग तेज हो गई थी।

Updated on:
23 Jun 2026 05:05 am
Published on:
23 Jun 2026 05:05 am