India-Pakistan ceasefire trade Donald Trump: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध विराम समझौते में व्यापार की अहम भूमिका रही है। जानें इस पर भारत का क्या कहना है।
India-Pakistan ceasefire trade Donald Trump: खुद को मध्यस्थ बता रहे (US mediation)अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने हाल ही में कहा कि अमेरिका के प्रेसीडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच अगर सीजफायर नहीं होता तो परमाणु युद्ध हो जाता, लाखों लोगों की जान जा सकती थी। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि दोनों देश परमाणु युद्ध के मुहाने पर पहुंच गए थे। भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध विराम समझौते में व्यापार एक महत्वपूर्ण कारण (India-Pakistan ceasefire trade Donald Trump) रहा है। उन्होंने व्हाइट हाउस में एक कार्यक्रम के दौरान कहा, "व्यापार एक बड़ा कारण (Trade role) है कि उन्होंने लड़ाई बंद की।"
अमेरिका के प्रेसीडेंट डोनाल्ड ट्रंप व्हाइट हाउस में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान संबोधित करते हुए।
ट्रंप ने यह भी दावा किया कि अमेरिका ने इस समझौते में मदद की है और वह दोनों देशों की सहायता के लिए तैयार (Trade diplomacy) है। हालांकि, भारतीय अधिकारियों ने ट्रंप के इस बयान को खारिज करते हुए कहा कि यह समझौता (India-Pakistan ceasefire) पूरी तरह से द्विपक्षीय था और इसमें किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता नहीं थी। भारतीय सेना के महानिदेशक (ऑपरेशंस) लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने बताया कि पाकिस्तान के समकक्ष अधिकारी ने 10 मई को युद्ध विराम करने की पेशकश की थी, जिसे भारत ने स्वीकार किया।
इस समझौते के बाद, दोनों देशों ने सीमा पर संघर्ष विराम की घोषणा की थी, जिससे क्षेत्र में संभावित युद्ध की स्थिति टल गई। हालांकि, कश्मीर विवाद अभी भी अनसुलझा है और विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस मुद्दे का समाधान नहीं होता, तो भविष्य में तनाव बढ़ सकता है।
डोनाल्ड ट्रंप ने युद्ध विराम में व्यापार की भूमिका बताई।
भारतीय अधिकारियों ने इसे द्विपक्षीय समझौता बताया।
पाकिस्तान के समकक्ष अधिकारी ने 10 मई को युद्धविराम की पेशकश की।
कश्मीर विवाद अभी भी अनसुलझा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि समाधान न होने पर तनाव बढ़ सकता है।
भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य संघर्ष के पीछे मुख्य कारण कश्मीर विवाद रहा है, जो 1947 में विभाजन के तुरंत बाद से ही दोनों देशों के बीच तनाव और युद्ध का प्रमुख स्रोत बना हुआ है। नीचे इसके प्रमुख कारण दिए गए हैं:
भारत का जम्मू-कश्मीर पर पूरा दावा है, जबकि पाकिस्तान इसे विवादित मानता है।
पाकिस्तान ने कई बार इसे हथियाने की कोशिश की, जिससे युद्ध की स्थिति बनी।
पाकिस्तान की जमीन से भारत में आतंकी घुसपैठ होती रही है। पुलवामा, उरी और पठानकोट जैसे हमलों के बाद भारत ने सर्जिकल और एयर स्ट्राइक की।
पाकिस्तानी सेना नियंत्रण रेखा (LoC) पर बार-बार गोलीबारी करती रही है। भारत ने जवाबी कार्रवाई करते हुए कई बार सैन्य ऑपरेशन किए हैं।
दोनों देश खुद को क्षेत्रीय शक्ति के रूप में स्थापित करना चाहते हैं। अमेरिका, चीन जैसे देशों की भूमिका से तनाव और बढ़ जाता है।
हाल में भारत ने पहलगाम में आतंकी हमले का जवाब देते हुए 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत पाकिस्तानी आतंकी ठिकानों पर निशाना साधा था।