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सबसे बड़ी अमेरिकी तेल कंपनी को नहीं मिलेगी वेनेज़ुएला में एंट्री? ट्रंप हुए नाराज़

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने देश की सबसे बड़ी तेल कंपनी से नाराज़ हो गए हैं। ऐसे में अब वह इस कंपनी की वेनेज़ुएला में एंट्री पर रोक लगा सकते हैं।
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Updated: 12 Jan 2026, 2:12 PM IST
Donald Trump might block Exxon from drilling in Venezuela
Donald Trump might block Exxon from drilling in Venezuela (Representational Photo)

अमेरिका (United States Of America) के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) अपने 'मिशन वेनेज़ुएला' (Mission Venezuela) के तहत वेनेज़ुएला के तेल के भंडारों का पूरी तरह से इस्तेमाल करना चाहते हैं। ट्रंप इस तेल को दूसरे देशों को बेचकर उससे मिलने वाली धनराशि का इस्तेमाल अपनी मर्ज़ी से करेंगे। इसी सिलसिले में ट्रंप ने कुछ दिन पहले अमेरिकी तेल कंपनियों के अधिकारियों से मुलाकात भी की थी और उन्हें पूरी सुरक्षा का आश्वासन देते हुए उनसे वेनेज़ुएला में कम से कम 100 बिलियन डॉलर (90 लाख करोड़ रुपये) के निवेश की अपील की थी। हालांकि अमेरिका की सबसे बड़ी तेल कंपनी ट्रंप के इस मिशन से बाहर हो सकती है।

ExxonMobil को नहीं मिलेगी वेनेज़ुएला में एंट्री?

ट्रंप ने हाल ही में संकेत दिया है कि वह अमेरिका की सबसे बड़ी तेल कंपनी ExxonMobil को वेनेज़ुएला में तेल की खुदाई और निवेश से रोक सकते हैं। इस बयान के ज़रिए ट्रंप ने ExxonMobil के प्रति अपनी नाराज़गी जता दी।

क्या है ट्रंप की नाराज़गी की वजह?

दरअसल कुछ दिन पहले ट्रंप से मुलाकात के दौरान Exxon Mobil के सीईओ डैरेन वुड्स (Darren Woods) ने कुछ ऐसा कह दिया था जो ट्रंप को पसंद नहीं आया था। वुड्स ने कहा था कि वेनेज़ुएला निवेश के योग्य नहीं है। इसी वजह से वुड्स नहीं चाहते कि उनकी कंपनी वेनेज़ुएला के तेल बिज़नेस में शामिल हो क्योंकि उनके अनुसार ऐसा करना उनकी कंपनी के लिए सही नहीं होगा। उनके अनुसार पहले कुछ कानूनों में बदलाव ज़रूरी है, जिसके बाद ही निवेश उचित होगा। वुड्स के इस बयान से ही ट्रंप नाराज़ हो गए।

ट्रंप की नीति का पड़ सकता है वैश्विक तेल बाजार पर असर

ट्रंप 'अमेरिका फर्स्ट' नीति के तहत तेल सेक्टर में अमेरिका को और मज़बूत बनाना चाहते हैं। वेनेज़ुएला के तेल भंडारों पर पूरी तरह से कब्ज़ा करके ट्रंप न सिर्फ अमेरकी ज़रूरतों को पूरा करना चाहते हैं, बल्कि इस तेल को अपने हिसाब से दूसरे देशों को भी बेचना चाहते हैं। ट्रंप की इस नीति से वैश्विक तेल बाजार पर असर पड़ सकता है।