
NATO Defense Spending: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर नाटो (NATO) को लेकर बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने दावा किया कि साल 2014 से 2025 के बीच अमेरिका ने NATO की सुरक्षा पर 999 अरब डॉलर खर्च किए, जबकि दूसरे सदस्य देशों का खर्च इससे काफी कम रहा। उन्होंने कहा कि अमेरिका इतना पैसा खर्च करने के बावजूद कोई फायदा नहीं उठा रहा। हालांकि, रक्षा खर्च से जुड़े आधिकारिक आंकड़े बताते हैं कि ट्रंप के दावे का एक हिस्सा सही है, लेकिन उसकी पूरी तस्वीर कुछ और है।
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा, 'अमेरिका नाटो देशों की सुरक्षा पर किसी भी दूसरे देश से कहीं ज्यादा खर्च करता है, लेकिन बदले में उसे कोई फायदा नहीं मिलता। साल 2014 से 2025 के बीच अमेरिका ने 999 अरब डॉलर खर्च किए। वहीं यूनाइटेड किंगडम ने 90.5 अरब डॉलर, फ्रांस ने 66.5 अरब डॉलर, इटली ने 48.8 अरब डॉलर और पोलैंड ने 44.3 अरब डॉलर खर्च किए। जर्मनी समेत बाकी देशों का खर्च इससे काफी कम है।
NATO ने साल 2014 में वेल्स शिखर सम्मेलन के दौरान सदस्य देशों के लिए लक्ष्य तय किया था कि हर देश अपनी जीडीपी का कम से कम 2 प्रतिशत रक्षा पर खर्च करेगा। 2025 में पहली बार सभी 32 सदस्य देश इस लक्ष्य तक पहुंच गए हैं। यूरोप के NATO सदस्य देशों और कनाडा ने 2025 में अपने रक्षा खर्च में 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी की, जिससे उनका संयुक्त रक्षा बजट 574 अरब डॉलर तक पहुंच गया। यह NATO के इतिहास में एक साल की सबसे बड़ी बढ़ोतरी है।
रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद कई यूरोपीय देशों ने रक्षा खर्च में बड़ा इजाफा किया है। जर्मनी ने करीब 114 अरब डॉलर के अतिरिक्त रक्षा निवेश का फैसला लिया है। वहीं पोलैंड अपनी जीडीपी का लगभग 5 प्रतिशत रक्षा पर खर्च करने की दिशा में बढ़ रहा है। नॉर्वे की प्रति व्यक्ति रक्षा लागत अब अमेरिका से भी अधिक बताई जा रही है।
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका को NATO से कोई लाभ नहीं मिलता, लेकिन कई जानकार इससे सहमत नहीं हैं। अमेरिका और यूरोप के बीच करीब 7.4 ट्रिलियन डॉलर का निवेश जुड़ा हुआ है। दोनों के बीच सालाना व्यापार लगभग 2 ट्रिलियन डॉलर का है। इसके अलावा यूरोप का रक्षा बाजार 2035 तक 1.14 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है, जहां अमेरिकी रक्षा कंपनियां बड़े पैमाने पर कारोबार की तैयारी कर रही हैं।