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ईरान से तनाव के बीच डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा ऐलान, कहा- अब होर्मुज से नाकाबंदी हटा ली जाएगी

Donald Trump Strait of Hormuz Statement: ईरान-अमेरिका तनाव के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि होर्मुज स्ट्रेट पर लगी अमेरिकी नाकाबंदी हटा ली जाएगी।
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May 29, 2026
IRAN-US WAR
अमेरिका-ईरान युद्ध: फोटो में यूएस प्रेसिडेंट ट्रंप और ईरान के सुप्रीम लीडर मुजतबा खामनेई (इमेज सोर्स: ANI)

Middle East tension: ईरान-अमेरिका के बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा ऐलान किया है। यूएस प्रेसिडेंट ट्रंप ने कि होर्मुज स्ट्रेट पर लगाया गया अमेरिकी नेवल ब्लॉकेड अब हटाया जाएगा, जिससे वहां फंसे जहाज दोबारा अपने देशों की ओर लौट सकेंगे। ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर कहा कि यह फैसला कुछ अहम शर्तों के साथ लिया जा रहा है।

उन्होंने साफ कहा कि ईरान को हमेशा के लिए न्यूक्लियर हथियार बनाने की कोशिश छोड़नी होगी और होर्मुज स्ट्रेट को बिना किसी रोक-टोक के अंतरराष्ट्रीय शिपिंग के लिए खोलना होगा। ट्रंप ने यह भी शर्त रखी कि ईरान द्वारा समुद्र में बिछाई गई माइंस को हटाना होगा।

माता-पिता और परिवारों को मेरी तरफ से HELLO कहें: ट्रंप

डोनाल्ड ट्रंप ने अपने पोस्ट में लिखा कि सभी फंसे हुए लोग अब घर लौटने का प्रोसेस शुरू कर सकते हैं। आपकी पत्नियों, माता-पिता और परिवारों को मेरी तरफ से HELLO कहना!

ट्रंप ने रखी ये शर्तें

सोशल मीडिया ट्रुथ पर अपनी पोस्ट में ट्रंप ने कई शर्तें रखीं, उन्होंने सुझाव दिया कि ईरान को डील के हिस्से के तौर पर मान लेना चाहिए, जिनमें शामिल हैं-

होर्मुज को दोनों तरफ से खुलना चाहिए।
ईरान कभी भी न्यूक्लियर हथियार हासिल नहीं करने पर सहमत हो।
होर्मुज स्ट्रेट दोनों तरफ से बिना टोल के ट्रैफिक के लिए खुला हो।
ईरान ‘होर्मुज स्ट्रेट’ में बिछी हुई सभी माइंस को हटा दे।
ईरान सभी एनरिच्ड यूरेनियम को नष्ट कर दे।
ट्रंप ने यह भी कहा कि US ईरानी पोर्ट्स पर अपनी नेवल ब्लॉकेड हटा देगा।

दुनिया का लगभग 20 परसेंट कच्चा तेल इसी स्ट्रेट से गुजरता है…

बता दें अमेरिका और ईरान दोनों ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले तेल के जहाजों पर अलग-अलग तरह की रोक लगा दी थी। यह समुद्री रास्ता दुनिया के लिए बेहद अहम माना जाता है, क्योंकि सामान्य समय में दुनिया का करीब 20 फीसदी कच्चा तेल इसी रास्ते से होकर गुजरता है।

इस रास्ते में रुकावट आने की वजह से दुनियाभर में तेल और गैस की कीमतें तेजी से बढ़ गई हैं। कई देशों में पेट्रोल-डीजल महंगा हो गया है। कनाडा जैसे देशों में लोगों को पेट्रोल पंप पर 2 डॉलर प्रति लीटर से ज्यादा कीमत चुकानी पड़ रही है।