
Donald Trump Message To Iran: अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच एक बार फिर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के तीखे बयान चर्चा में हैं। स्विट्जरलैंड में दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत शुरू होने के साथ ही ट्रंप ने ईरान को लेकर सख्त रुख दिखाया और कई बड़ी चेतावनियां दीं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार एक इंटरव्यू के दौरान ट्रंप ने दावा किया कि उनकी हाल ही में ईरानी अधिकारियों से बातचीत हुई थी। उन्होंने कहा कि यदि ईरान ने फिर से होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने की कोशिश की, तो उसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। ट्रंप का कहना था कि इस अहम समुद्री मार्ग को बाधित करना सिर्फ क्षेत्रीय नहीं बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए भी बड़ा खतरा है।
दरअसल, होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में गिना जाता है। दुनिया के कुल कच्चे तेल का बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से होकर गुजरता है। ऐसे में यहां किसी भी तरह की रुकावट का असर सीधे अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार और ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ता है।ट्रंप ने यह संकेत भी दिया कि जरूरत पड़ने पर अमेरिका इस समुद्री मार्ग की सुरक्षा के लिए सीधे हस्तक्षेप कर सकता है। इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी कहा कि यदि ईरान के साथ कोई व्यापक समझौता नहीं हो पाता है, तो अमेरिका वहां से गुजरने वाले जहाजों पर शुल्क लगाने जैसे विकल्पों पर भी विचार कर सकता है।
दूसरी तरफ ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने साफ कर दिया है कि उनका देश यूरेनियम संवर्धन के अपने अधिकार से पीछे हटने वाला नहीं है। यह वही मुद्दा है जिस पर अमेरिका लंबे समय से दबाव बना रहा है। ईरान का कहना है कि उसे अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर अधिकार हासिल है और वाशिंगटन को आखिरकार इस वास्तविकता को स्वीकार करना होगा।
इस बीच स्विट्जरलैंड में अमेरिकी और ईरानी अधिकारियों के बीच आमने-सामने की बातचीत चल रही है। पिछले करीब ढाई महीनों में यह पहली ऐसी बैठक है जिसमें दोनों पक्ष सीधे संवाद कर रहे हैं। बातचीत का मुख्य फोकस ईरान का परमाणु कार्यक्रम और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव को नियंत्रित करना है। हालांकि मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ट्रंप के बयान के बाद ईरानी डेलीगेशन ने बीच में मीटिंग को छोड़ दिया है। अब आगे देखना दिलचस्प होगा कि क्या बातचीत दोनों देशों के बीच होती है।