US-Iran Tension: ईरान को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की डेडलाइन ने टेंशन बढ़ा दी है। होर्मुज स्ट्रेट को लेकर उन्होंने सख्त चेतावनी दी है।
Donald Trump Iran Deadline: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) की डेडलाइन ने ईरान के साथ बढ़ते तनाव को और गंभीर बना दिया है। दुनिया की नजरें अब होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) पर टिक गई हैं, जो वैश्विक तेल सप्लाई के लिए बेहद अहम रास्ता माना जाता है।
ट्रंप ने साफ कर दिया है कि अगर हालात नहीं सुधरे और होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) को नहीं खोला गया तो अमेरिका सख्त कदम उठा सकता है, हालांकि उन्होंने बातचीत के दरवाजे भी खुले रखे हैं। अगले 5 दिन बेहद अहम माने जा रहे हैं। ऐसे में अब बड़ा सवाल ये है कि क्या ईरान समझौते की राह चुनेगा या टकराव और बढ़ेगा? इस अनिश्चितता ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने ईरान को लेकर अपनी डेडलाइन 5 दिन और बढ़ा दी है। सोमवार को उन्होंने कहा कि अमेरिका फिलहाल ईरान के पावर प्लांट्स पर हमला नहीं करेगा, ताकि हालात को संभालने का मौका मिल सके। ट्रंप का दावा है कि दोनों देशों के बीच बातचीत चल रही है और अगले कुछ दिनों में कोई बड़ा समझौता हो सकता है। उनका कहना है कि इस बार ईरान शांति चाहता है, वो समझौता करना चाहता है।
लेकिन दिलचस्प बात है कि तेहरान ने इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। ईरान के पार्लियामेंट स्पीकर का कहना है कि अमेरिका के साथ कोई बातचीत नहीं हो रही और यह सब बिल्कुल फेक न्यूज़ है, जिसका मकसद ऑयल मार्केट को प्रभावित करना है।
जारी युद्ध के बीच एक और बड़ी खबर मिडिल ईस्ट से आई है। ईरानी मीडिया के मुताबिक मंगलवार को दो गैस प्लांट और एक गैस पाइपलाइन पर हमला किया गया। फार्स न्यूज एजेंसी ने बताया कि यह हमला उस समय हुआ जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पावर इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमला न करने की बात कही थी।
एजेंसी के अनुसार, इस्फहान के कावेह स्ट्रीट इलाके में गैस से जुड़ी एक बिल्डिंग और गैस प्रेशर स्टेशन को निशाना बनाया गया। रिपोर्ट में कहा गया कि सेंट्रल ईरान की इस सुविधा को हल्का नुकसान हुआ है। इसके अलावा, दक्षिण-पश्चिम में खोर्रमशहर के पास एक पावर प्लांट की गैस पाइपलाइन पर भी हमला किया गया।
खोर्रमशहर के गवर्नर के मुताबिक, पाइपलाइन के बाहर एक प्रोजेक्टाइल गिरा, लेकिन इससे पावर प्लांट के कामकाज पर कोई असर नहीं पड़ा और न ही कोई बड़ा नुकसान हुआ।
ऐसे में अब बड़ा सवाल ये है कि ट्रंप एक तरफ ईरान से बातचीत का दावा कर रहे हैं तो वहीं दूसरी तरफ अमेरिकी और इजरायल की सेना की तरफ से लगातार हमला जारी है। 5 दिन बाद क्या होने वाला है… युद्ध रुकने के कहीं से भी आसार नजर नहीं आ रहे हैं।