Earthquake Causes Destruction: म्यांमार में शुक्रवार को आए भूकंप ने तबाही मचा दी जिसका झटका थाईलैंड में भी लगा। इस वजह से अब तक मरने वालों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है।
म्यांमार में शुक्रवार को आया भूकंप (Myanmar Earthquake) देश में आया अब तक का सबसे बड़ा और विनाशकारी भूकंप रहा। इस भूकंप की रिक्टर स्केल पर तीव्रता 7.7 रही और गहराई 10 किलोमीटर। यह भूकंप भारतीय समयानुसार सुबह 11 बजकर 50 मिनट (लोकल समयानुसार 12 बजकर 50 मिनट) पर आया जिसके बाद भूकंप के केंद्र वाले क्षेत्र के साथ ही आसपास के कई इलाकों में हाहाकार मच गया। इस भूकंप के बाद म्यांमार में कई आफ्टरशॉक्स भी आए और भूकंप का असर थाईलैंड (Thailand), नेपाल (Nepal), भारत (India), चीन (China) और वियतनाम (Vietnam) में भी महसूस किया गया। भूकंप की वजह से म्यांमार में कई इमारतें ध्वस्त हो गई, सड़कों में गड्ढे हो गए, कई व्हीकल्स सड़कों में दब गए। इमारतों के ध्वस्त होने की वजह से कई लोग उनके नीचे दब गए। थाईलैंड में भी भूकंप का झटका महसूस हुआ जिससे काफी नुकसान हुआ। भूकंप के बाद म्यांमार की सेना (जुंटा) ने 6 बड़े शहरों में आपातकाल की घोषणा कर दी।
म्यांमार और थाईलैंड में भूकंप की वजह से अब तक 1,644 लोगों की मौत हो चुकी है। म्यांमार की सेना के साथ ही थाईलैंड की सरकार ने भी इसकी पुष्टि की। मरने वालों का आंकड़ा अभी और बढ़ने की आशंका बनी हुई है। अमेरिकी रिपोर्ट के अनुसार मरने वालों की संख्या 10,000 तक पहुंच सकती है।
म्यांमार और थाईलैंड में भूकंप की वजह से अब तक 3,408 लोग घायल हो गए हैं। घायलों को नज़दीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका इलाज चल रहा है। कई घायलों की स्थिति गंभीर बताई जा रही है। घायलों की संख्या भी बढ़ने की संभावना है।
म्यांमार में आए विनाशकारी भूकंप की वजह से जान-माल का भारी नुकसान हुआ है। ऐसे में देश की जुंटा ने इंटरनेशनल हेल्प की गुहार लगाई है। भूकंप के बाद भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने इस घटना पर शोक व्यक्त किया और म्यांमार और थाईलैंड में भूकंप के बाद सभी की सुरक्षा की प्रार्थना की। पीएम मोदी ने यह भी साफ कर दिया कि भारत इन दोनों देशों की हर तरह से मदद के लिए तैयार है और इसके लिए उन्होंने विदेश मंत्रालय को दोनों देशों की सरकारों के लगातार संपर्क में बने रहने का निर्देश भी दिया। भारत ने भूकंप के बाद म्यांमार को 15 टन राहत सामग्री भेजी है। राहत पैकेज में टेंट, स्लीपिंग बैग, कंबल, खाने के लिए तैयार भोजन और जनरेटर सेट जैसी आवश्यक चीज़ें शामिल हैं।