वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज ने कहा कि वे अमेरिका में वेनेजुएला का दूतावास और वेनेजुएला में अमेरिकी दूतावास खोलने की बात कर रही हैं। इसका मकसद 3 जनवरी को देश पर हुए हमले की निंदा करना है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी ऑपरेशन के बाद वह चुप नहीं बैठने वाली हैं। वह अमेरिका को […]
वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज ने कहा कि वे अमेरिका में वेनेजुएला का दूतावास और वेनेजुएला में अमेरिकी दूतावास खोलने की बात कर रही हैं। इसका मकसद 3 जनवरी को देश पर हुए हमले की निंदा करना है।
उन्होंने कहा कि अमेरिकी ऑपरेशन के बाद वह चुप नहीं बैठने वाली हैं। वह अमेरिका को जवाब देंगी। डेल्सी रोड्रिग्ज ने कहा कि ऑपरेशन के बाद अमेरिका को दिया गया जवाब राजनयिक होगा और अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार होगा।
रोड्रिग्ज ने कहा- वेनेजुएला और अमेरिकी सरकारें दूतावास खोलने के रास्ते तलाश रही हैं। मकसद साफ है। हमारे लोगों पर हुए हमले की निंदा को दोहराना, क्योंकि हमारी महिलाएं, हमारे पुरुष, हमारी लड़कियां इस तरह के हमले से बहुत प्रभावित हुए हैं।
इसके अलावा, रोड्रिग्ज ने उन देशों को भी धन्यवाद दिया जिन्होंने अमेरिकी ऑपरेशन और निकोलस मादुरो व उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस की गिरफ्तारी के बाद अपना समर्थन व्यक्त किया।
उन्होंने बताया कि उन्होंने स्पेन के राष्ट्रपति पेड्रो सांचेज, कोलंबिया के गुस्तावो पेट्रो और ब्राजील के लुइज इनासियो लूला से बात की, जिन्होंने अपना पूरा समर्थन दिया।
रोड्रिग्ज ने कहा- मैं ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा के प्रति अपनी गहरी कृतज्ञता व्यक्त करना चाहती हूं, जो हमले के दिन ही वेनेजुएला और हमारे लोगों के प्रति बहुत चौकस थे। उस दिन उन्होंने हमसे पूछा कि वह कैसे मदद कर सकते हैं। हमने उन्हें एक दवा गोदाम पर बमबारी के बारे में बताया।
उन्होंने अपदस्थ तानाशाह निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी के जीवित होने का पहला सबूत हासिल करने के लिए अमेरिका के साथ बातचीत की सुविधा देने के लिए कतर के शासक शेख तमीम बिन हमद अल थानी को भी धन्यवाद दिया।
बता दें कि वेनेजुएला सरकार ने अमेरिका के साथ एक खोजी राजनयिक प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा की है और अमेरिका से विदेश विभाग के एक प्रतिनिधिमंडल के आगमन की पुष्टि की।
यह घोषणा अमेरिकी सैन्य ऑपरेशन के लगभग एक हफ्ते बाद हुई, जिसके तहत निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को एक विमान में बिठाकर न्यूयॉर्क की जेल में कैद कर दिया गया।