
ईरान ने हाल ही में दावा किया कि उसने अमेरिका के F-15E स्ट्राइक ईगल लड़ाकू विमान को मार गिराया है. इसी दावे के बाद पूरी दुनिया में एक बार फिर इस जहाज की चर्चा शुरू हो गई है। जिस अमेरिकी विमान को ईरान ने मार गिराने का दावा किया है, वह कोई आम लड़ाकू जहाज नहीं है।
F-15E को इस तरह बनाया गया है कि यह किसी भी मौसम में, दिन हो या रात, उड़ान भर सकता है। बारिश हो, कोहरा हो या घुप्प अंधेरा, यह जेट अपना काम नहीं रोकता।
इसमें लगा LANTIRN सिस्टम पायलट को जमीन के बेहद करीब उड़ते हुए भी दुश्मन के ठिकाने पर सटीक निशाना लगाने में मदद करता है।
इस विमान में एक पायलट के साथ एक और अफसर बैठता है जिसे वेपन सिस्टम ऑफिसर कहते हैं। यानी एक जहाज में दो दिमाग। पायलट उड़ान संभालता है और दूसरा अफसर हथियारों व टारगेट पर नजर रखता है। इसी वजह से मुश्किल से मुश्किल मिशन में भी यह जेट कामयाब रहता है।
इसकी रफ्तार की बात करें तो यह करीब 1,875 मील प्रति घंटे की स्पीड से उड़ सकता है, यानी आवाज की रफ्तार से भी ढाई गुना तेज। यह 60,000 फीट की ऊंचाई तक जा सकता है। दुश्मन के इलाके में घुसकर हमला करना और सुरक्षित वापस आना, इसी के लिए यह जेट बना है।
इस विमान में 20 मिमी की तोप लगी है। साथ में साइडवाइंडर और अमराम जैसी हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलें भी होती हैं। इसके अलावा यह तरह तरह के बम भी ले जा सकता है, जो बिल्कुल सटीक निशाने पर गिरते हैं। इसका APG-70 रडार एक साथ हवा और जमीन दोनों जगह के दुश्मनों को पकड़ सकता है।
यह विमान पहली बार 1988 में अमेरिकी वायुसेना में शामिल हुआ था। इसे बोइंग कंपनी ने बनाया है। शुरुआत में इसकी कीमत करीब 31 मिलियन डॉलर थी लेकिन अब नए अपग्रेड के बाद यह 100 मिलियन डॉलर तक पहुंच गई है। तीन दशक से ज्यादा वक्त बाद भी यह अमेरिकी वायुसेना की सबसे भरोसेमंद ताकतों में से एक है।