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सीरिया के 24 साल तक तानाशाह रहे बशर अल-असद को कोर्ट ने सुनाई मौत की सजा

Bashar Assad Death Sentenceकोर्ट ने वॉर क्राइम के दोषी सीरिया के पूर्व राष्ट्रपति बशर अल-असद को मौत की सजा सुनाई है। असद को कोर्ट ने गृह युद्ध के दौरान युद्ध अपराधों और मानवता के खिलाफ अपराधों का दोषी ठहराया।
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Aug 11, 2026
Syria Court Verdict
कोर्ट ने सीरिया के पूर्व राष्ट्रपति बशर अल-असद को सुनाई मौत की सजा,photo source@X/@TGEThGlobalEye

Bashar Assad Death Sentence: सीरिया की एक अदालत ने वॉर क्राइम के दोषी पाए गए देश के पूर्व शासक बशर अल-असद को मौत की सजा सुनाई है। कोर्ट ने गृह युद्ध के दौरान युद्ध अपराधों और मानवता के खिलाफ अपराधों का दोषी ठहराते हुए बशर अल-असद को उनकी गैर-मौजूदगी में मौत की सजा सुनाई। बशर अल-असद ने 24 साल तक सीरिया पर शासन किया था, लेकिन दिसंबर 2024 में इस्लामी ताकतों के दमिश्क के करीब पहुंचने के बाद वह अपने परिवार के साथ रूस भाग गए थे।

राष्ट्रपति अहमद अल-शरा ने बशर अल-असद को सत्ता से हटाकर सीरिया की कमान संभाली, जिसे अमेरिका ने अपना समर्थन दिया है। 13 साल तक चले गृह युद्ध में लगभग पांच लाख से अधिक लोग मारे गए थे और लाखों लोग विस्थापित हुए। गौरतलब है कि 50 से ज्यादा वर्षों तक सीरिया पर हाफेज अल-असद और फिर उनके बेटे बशर अल-असद का शासन रहा।

तानाशाह समेत 3 लोगों को मौत की सजा

कोर्ट ने 2011 में दारा प्रांत में असद की सरकार द्वारा किए गए अपराधों को मानवता के खिलाफ अपराध की श्रेणी में मानते हुए सजा सुनाई है। पूर्व शासक बशर अल-असद के अलावा सीरिया की सेना के पूर्व लीडर और बशर के छोटे भाई माहेर अल-असद को भी मौत की सजा सुनाई गई है। इसके साथ ही अदालत ने बशर अल-असद के चचेरे भाई आतेफ नजीब को भी मौत की सजा दी है। आतेफ नजीब सीरियाई सेना के पूर्व ब्रिगेडियर जनरल हैं। 2011 में असद के शासन के दौरान नजीब दक्षिणी सीरिया के दारा प्रांत में पॉलिटिकल सिक्योरिटी ब्रांच के प्रमुख थे।

सीरिया पर 5 दशक से ज्यादा समय तक रहा शासन

सीरिया पर हाफेज अल-असद और फिर उनके बेटे बशर अल-असद का 50 से ज्यादा वर्षों तक शासन रहा। 'अरब स्प्रिंग' के दौरान 2011 में 2.3 करोड़ की आबादी वाले इस देश में उनके दमनकारी शासन के खिलाफ विद्रोह शुरू हुआ। इसके बाद 13 साल तक चला एक भयानक गृह युद्ध छिड़ गया, जिसमें 'सीरियन ऑब्जर्वेटरी ऑफ ह्यूमन राइट्स' के अनुसार, पांच लाख से ज्यादा लोगों की मौत हुई। वहीं, लाखों लोगों को सीरिया छोड़कर लेबनान, जॉर्डन, तुर्की और यूरोप में शरण लेनी पड़ी।

Updated on:
11 Aug 2026 03:24 pm
Published on:
11 Aug 2026 03:22 pm