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धरती के चार पहाड़ों में हैं एलियंस के गुप्त अड्डे? पूर्व अमेरिकी खुफिया अधिकारी का बड़ा दावा

Alien Mystery: पूर्व अमेरिकी खुफिया अधिकारी लिन बुकानन के दावे ने यूएफओ और एलियंस को लेकर नई बहस छेड़ दी है। उन्होंने अलास्का, ऑस्ट्रेलिया, जिम्बाब्वे और पाइरेनीज पर्वतों में कथित एलियन अड्डों का दावा किया है, हालांकि इसके समर्थन में कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।
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Updated: 3 Jun 2026, 1:07 AM IST
Pentagon UFO files leaked sightings India Ladakh Sikkim
पूर्व अमेरिकी खुफिया अधिकारी लिन बुकानन ने दावा किया है कि अलास्का, ऑस्ट्रेलिया, जिम्बाब्वे और पाइरेनीज पर्वतों में एलियंस के गुप्त अड्डे मौजूद हैं। (Photo- IANS)

Secret Alien Bases: अमेरिकी सेना के पूर्व खुफिया अधिकारी लिन बुकानन ने दावा किया है कि पृथ्वी पर अलास्का, ऑस्ट्रेलिया, जिम्बाब्वे और फ्रांस-स्पेन सीमा के पाइरेनीज पर्वतों में एलियंस के चार गुप्त अड्डे मौजूद हैं। ‘अमेरिकन अल्केमी’ पॉडकास्ट में उन्होंने कहा कि ये ठिकाने यूएफओ के प्रवेश केंद्र, मरम्मत अड्डे और निगरानी हब के रूप में काम करते हैं। बुकानन शीत युद्ध काल के गोपनीय ‘प्रोजेक्ट स्टारगेट’ से जुड़े थे, जिसमें ‘रिमोट व्यूइंग’ तकनीक के जरिए दूरस्थ स्थानों की जानकारी जुटाने का प्रयास किया जाता था। हालांकि इन दावों के समर्थन में कोई सार्वजनिक या वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है। अमेरिकी सरकार भी 1995 में इस कार्यक्रम को वैज्ञानिक रूप से अविश्वसनीय बताते हुए बंद कर चुकी है, लेकिन दावों ने यूएफओ और एलियन रहस्यों को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है।

स्टारगेट प्रोजेक्ट और रिमोट व्यूइंग का दावा

1970 के दशक में शुरू किए गए सीआईए समर्थित ‘प्रोजेक्ट स्टारगेट’ का उद्देश्य कथित असाधारण मानसिक क्षमताओं वाले लोगों की मदद से खुफिया जानकारी जुटाना था। बुकानन के अनुसार उन्हें इसी कार्यक्रम के तहत कथित गुप्त ठिकानों की पहचान और निगरानी का काम सौंपा गया था।

1973 में पहली बार सामने आए थे कथित ठिकाने

बुकानन के अनुसार इन स्थानों की पहचान सबसे पहले पूर्व पुलिस अधिकारी पैट प्राइस ने की थी। बाद में ‘प्रोजेक्ट 8200’ के तहत कई रिमोट व्यूअर्स से स्वतंत्र जांच कराई गई। उनका दावा है कि अलग-अलग लोगों के स्केच और विवरण आपस में काफी मेल खाते थे।

अलास्का, ऑस्ट्रेलिया और जिम्बाब्वे के बेस की अलग-अलग भूमिका

बुकानन ने अलास्का के माउंट हेस को वैश्विक निगरानी केंद्र, ऑस्ट्रेलिया के माउंट जील को यूएफओ के ‘पोर्ट ऑफ एंट्री’ और जिम्बाब्वे के माउंट न्यांगानी को यूएफओ मरम्मत केंद्र बताया। उन्होंने दावा किया कि कुछ शुरुआती रिमोट व्यूअर्स को माउंट हेस पर इंसानों और एलियंस की संयुक्त गतिविधियां भी दिखाई दी थीं।

पाइरेनीज पर अनिश्चितता, सबूत अब भी नहीं

बुकानन ने फ्रांस-स्पेन सीमा के पाइरेनीज पर्वत में चौथे कथित बेस का भी जिक्र किया, लेकिन स्वीकार किया कि उन्होंने स्वयं इसकी जांच नहीं की। वैज्ञानिक समुदाय और किसी भी सरकार ने अब तक एलियंस या ऐसे भूमिगत अड्डों की पुष्टि नहीं की है। इसके बावजूद इन दावों ने एरिया-51 जैसी साजिशी थ्योरी और यूएफओ रहस्यों में रुचि रखने वालों का ध्यान खींचा है।

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3 Jun 2026, 1:07 AM IST
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