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भारत की बढ़ी ताकत: रुद्रम-2 मिसाइल का सफल परीक्षण, 350 किमी तक करेगी सटीक वार

Rudram-2 Test: डीआरडीओ ने स्वदेशी एंटी-रेडिएशन मिसाइल रुद्रम-2 का सुखोई-30 एमकेआई से सफल परीक्षण किया। 350 किमी तक सटीक वार करने में सक्षम यह मिसाइल दुश्मन के रडार और एयर डिफेंस सिस्टम को निशाना बना सकती है, जिससे भारत की रक्षा क्षमता को बड़ी मजबूती मिली है।
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भारत

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Satya Brat Tripathi

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Updated: 2 Jun 2026, 11:40 PM IST

Rudram-2 Missile

स्वदेशी एंटी-रेडिएशन मिसाइल रुद्रम-2 (Photo- IANS)

Rudram-2 Missile: भारत ने स्वदेशी एंटी-रेडिएशन मिसाइल रुद्रम-2 का मंगलवार को सुखोई-30 MKI से सफल परीक्षण किया। हवा से सतह पर मार करने वाली यह मिसाइल दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम और रडार को ट्रैक कर उन्हें नष्ट कर सकती है। डीआरडीओ ने वायुसेना के साथ मिलकर मिसाइल का परीक्षण ओडिशा के तट पर किया। परीक्षण में इस मिसाइल का प्रोपल्शन सिस्टम, नियंत्रण तकनीक और गाइडेंस सटीक साबित हुए।

रुद्रम-1 से ज्यादा घातक

भारत ने इससे पहले रुद्रम-1 मिसाइल का परीक्षण किया था जिसकी रेंज 100 से 150 किमी तक थी। वहीं रुद्रमा-2 और ज्यादा घातक है। यह 300 से 350 किमी की दूरी पर दुश्मन के ठिकानों पर वार कर सकती है। यह सुपरसोनिक और हाईपरसोनिक रफ्तार पर जाकर हमला करती है। ऐसे में इसे इंटरसेप्ट कर पाना बेहद मुश्किल होता है।

DRDO ने एक्स पर दी जानकारी

डीआरडीओ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर बताया कि रुद्रम-II मिसाइल का परीक्षण अत्यंत चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में सफलतापूर्वक किया गया। यह परीक्षण एक महत्वपूर्ण प्रक्षेप पथ पर संचालित किया गया, जिससे मिसाइल की क्षमता और सटीकता का आकलन किया जा सके।

डीआरडीओ के अनुसार, परीक्षण के दौरान मिसाइल की सभी प्रमुख उपप्रणालियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। मिसाइल ने निर्धारित लक्ष्यों और तकनीकी मानकों को पूरी तरह हासिल किया। संगठन ने कहा कि परीक्षण के नतीजों ने रुद्रम-II की विश्वसनीयता और परिचालन क्षमता को प्रमाणित किया है। यह सफलता देश की स्वदेशी रक्षा तकनीक को और मजबूती प्रदान करेगी।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दी बधाई

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रुद्रम-II मिसाइल के सफल परीक्षण पर डीआरडीओ, भारतीय वायु सेना, रक्षा सार्वजनिक उपक्रमों और परियोजना से जुड़े सभी औद्योगिक सहयोगियों को बधाई दी। उन्होंने इसे भारत की रक्षा क्षमता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।

राजनाथ सिंह ने कहा कि रुद्रम-II का सफल परीक्षण देश की स्वदेशी रक्षा प्रौद्योगिकियों की बढ़ती परिपक्वता, विश्वसनीयता और तकनीकी क्षमता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि उन्नत हथियार प्रणालियों के विकास में भारत की बढ़ती आत्मनिर्भरता का प्रमाण है।

रक्षा मंत्री ने विश्वास जताया कि इस सफलता से आत्मनिर्भर भारत अभियान को और बल मिलेगा तथा भारतीय सशस्त्र बलों की परिचालन क्षमता और रक्षा तैयारियां नई ऊंचाइयों तक पहुंचेंगी। उन्होंने कहा कि स्वदेशी रक्षा प्रणालियों का विकास राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।