19 जुलाई 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

जम्मू में राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग पर अड़ी कांग्रेस, एलजी आवास तक मार्च रोका, दर्जनों नेता-कार्यकर्ता हिरासत में

Jammu Kashmir Congress Protest: जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर कांग्रेस का बड़ा प्रदर्शन। जम्मू में LG हाउस की तरफ मार्च कर रहे दर्जनों नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया। पढ़ें पूरी खबर...
2 min read
Google source verification
Demand For Full Statehood JK, Jammu Police Action

जम्मू में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन के बीच पुलिस की कार्रवाई | फोटो सोर्स-ANI

LG House March: जम्मू-कश्मीर को एक बार फिर से पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर सियासत गर्मा गई है। रविवार को जम्मू में कांग्रेस पार्टी ने इस मांग को लेकर सड़क पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया। पार्टी के कार्यकर्ता और नेता राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के नाम एक ज्ञापन सौंपने के लिए उपराज्यपाल (LG) आवास की ओर मार्च कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक दिया। जिसके बाद कांग्रेस के दर्जनों नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया गया है।

जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य बनाने की मांग

जम्मू-कश्मीर को तुरंत पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। वे अपनी इस मांग के समर्थन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को एक ज्ञापन सौंपना चाहते थे, जिसके लिए उन्होंने जम्मू में लोक भवन (एलजी आवास) की तरफ मार्च निकाला।

पुलिस का पहरा और नेताओं की गिरफ्तारी

रविवार को निकाले गए इस मार्च को पुलिस ने आगे बढ़ने से रोक दिया और उसे नाकाम कर दिया। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कांग्रेस के दर्जनों नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया।

'हमारी रियासत, हमारा हक', का नारा लिखा

जनसभा खत्म होने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ता हाथों में पार्टी के झंडे और बैनर लेकर लोक भवन की ओर निकल पड़े, जिन पर साफ अक्षरों में 'हमारी रियासत, हमारा हक' का नारा लिखा था। पार्टी के नेताओं ने साफ कहा कि इस पूरे अभियान का असली मकसद आम लोगों की उम्मीदों और भावनाओं को सबके सामने लाना है, ताकि केंद्र सरकार पर दबाव बनाया जा सके कि वह जम्मू-कश्मीर को फिर से पूर्ण राज्य का दर्जा देने के अपने पुराने वादे को पूरा करें।

तारीख में बदलाव, रणनीति या मजबूरी?

कांग्रेस के जम्मू-कश्मीर अध्यक्ष तारिक हमीद कर्रा ने बताया कि पार्टी पहले इस आंदोलन को 20 जुलाई को खत्म करने वाली थी। लेकिन नेशनल कॉन्फ्रें के धरने को देखते हुए कांग्रेस ने अपनी रणनीति बदली और इसे तय समय से एक दिन पहले ही करने का फैसला कर लिया।

धरने के बहाने बड़ा शक्ति प्रदर्शन

विशेषज्ञों का मानना है कि एक दिन पहले धरना देकर कांग्रेस यह साबित करना चाहती है कि पूर्ण राज्य का दर्जा मांगने का मुद्दा सबसे पहले उसी ने उठाया था। इस धरने के जरिए पार्टी जम्मू में अपनी ताकत दिखाना चाहती है, जिसमें कांग्रेस के सभी विधायक, बड़े नेता, पूर्व मंत्री और पूर्व विधायक एकजुट होकर शामिल होने जा रहे हैं।