
टीएमसी के बागी सांसद। (फोटो- ANI)
संसद के मानसून सत्र से ठीक पहले रविवार को सर्वदलीय बैठक हुई। इसमें टीएमसी के 20 बागी सांसदों को भी बुलाया गया था। इस पर विपक्ष के भारी विवाद के बाद केंद्र सरकार ने सफाई दी।
बता दें कि ये सभी छोटी पार्टी NCPI में शामिल हो गए हैं। इस पर सरकार की ओर से 20 विद्रोही सांसदों को बैठक में बुलाने का बचाव किया।
संसदीय कार्य मंत्री किरन रिजिजू ने साफ कहा कि इन सांसदों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है क्योंकि उन्होंने लोकसभा स्पीकर से मान्यता और अलग सीटों की मांग की है।
बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद TMC के 20 सांसदों ने ममता बनर्जी के नेतृत्व से नाराज होकर पार्टी छोड़ने का फैसला किया। ये संख्या टीएमसी की लोकसभा में कुल 28 सीटों में से दो-तिहाई से ज्यादा है।
विद्रोही नेताओं में सुदीप बंद्योपाध्याय, काकोली घोष दस्तीदार, यूसुफ पठान जैसे नामी चेहरे शामिल हैं। इन्होंने कानूनी पेच से बचने के लिए त्रिपुरा की छोटी पार्टी नेशनल सिटीजंस पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) में विलय का रास्ता चुना।
एनसीपीआई को पहले कोई पहले शायद ही कोई जानता होगा, लेकिन अब ये एनडीए की दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बनने की राह पर है। विद्रोहियों ने स्पीकर ओम बिरला से अलग बैठने की जगह भी मांगी, जो मिल गई है, लेकिन पूरी मान्यता अभी विचाराधीन है।
सरकार का तर्क है कि 20 सांसदों को नजरअंदाज करना व्यावहारिक नहीं होगा। बैठक में फ्लोर लीडर और चीफ व्हिप के रूप में उन्हें आमंत्रित किया गया।
रिजिजू ने पत्र में लिखा कि स्पीकर के पास उनकी याचिका लंबित है, लेकिन मीटिंग में सहयोग चाहिए ताकि संसद सुचारू रूप से चले।
विपक्ष ने इसे सरकार की साजिश बताया। INDIA गठबंधन के कई दल कांग्रेस, सपा, डीएमके, आप, शिवसेना (यूबीटी) आदि ने बैठक शुरू होते ही वॉकआउट कर दिया।
टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा कि एनसीपीआई को अभी मान्यता नहीं मिली है, इसलिए इन्हें अलग पार्टी मानकर बुलाना गलत है। वहीं, कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा- सभी विपक्षी दलों ने सर्वदलीय बैठक से कुछ मिनटों के लिए वॉकआउट किया।
उन्होंने सोशल मीडिया पर आगे लिखा- यह विरोध मोदी सरकार द्वारा एनपीसीआई को सर्वदलीय बैठक में बुलाए जाने के खिलाफ था। NCPI अभी TMC के 20 'बागी' सांसदों के लिए एक तरह से ठिकाने का काम कर रही है, जबकि इस मामले पर लोकसभा स्पीकर का अंतिम फैसला अभी आना बाकी है।
Updated on:
19 Jul 2026 04:54 pm
Published on:
19 Jul 2026 03:57 pm
