
अमेरिका (United States Of America) के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के भारत (India) के खिलाफ 'टैरिफ वॉर' की वजह से सिर्फ भारत में ही नहीं, अमेरिका में भी इनका विरोध हो रहा है। ट्रंप ने भारत पर 25% बेसिक और 25% एक्स्ट्रा यानी कि कुल 50% टैरिफ लगा दिया है। अमेरिका में कई वर्तमान और पूर्व नेता, अर्थशास्त्री, विदेश नीति के एक्सपर्ट्स, मीडिया समेत तमाम लोग ट्रंप के इस फैसले की जमकर आलोचना कर रहे हैं। अब अमेरिका के पूर्व विदेश मंत्री ने इस मामले में ट्रंप पर निशाना साधा है।
बराक ओबामा (Barack Obama) के अमेरिकी राष्ट्रपति के दौर पर दूसरे कार्यकाल के दौरान विदेश मंत्री रहे जॉन कैरी (John Kerry) ने भारत और अमेरिका के संबंधों में पड़ रही दरार पर चिंता जताई है। कैरी ने भारत-अमेरिका संबंधों में तनाव को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा, "दोनों देशों के बीच संबंधों में दरार से हम चिंतित हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) और ट्रंप के बीच यह टकराव सही नहीं है, जो सिर्फ ट्रंप के टैरिफ की वजह से पैदा हुआ है। महान देश कभी भी किसी को अल्टीमेटम या ऑर्डर देकर बिना किसी वास्तविक कूटनीतिक प्रयास के महानता नहीं दिखाते, बल्कि आम सहमति बनाने पर जोर देते हैं जिससे सामान्य तौर पर दोनों पक्ष काम कर सके।"
कैरी ने ट्रंप पर निशाना साधते हुए कहा, "ओबामा जब अमेरिकी राष्ट्रपति थे, तब उनके कार्यकाल के दौरान सहयोग और सम्मान के साथ बातचीत होती थी। अब ट्रंप कुछ ज़्यादा ही आदेश दे रहे हैं और दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं।"
कैरी ने उम्मीद जताई है कि भारत और अमेरिका अपने व्यापार विवाद सुलझा लेंगे। उन्होंने पीएम मोदी और वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल (Piyush Goyal) को अमेरिका का दोस्त बताया और कहा कि वह ट्रेड के मामले में दबाव के आगे भारत की बिना झुके बातचीत की सराहना करते हैं।