पत्रकार फ्लोरियन तारदिफ ने अपनी नई किताब में दावा किया है कि फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को ईरानी एक्ट्रेस गोलशिफतेह फराहानी को मैसेज करने पर उनकी पत्नी द्वारा थप्पड़ मारा गया था। हालांकि राष्ट्रपति कार्यालय और अभिनेत्री दोनों ने रिश्तों से जुडी सभी बातों को खारिज किया है।
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और उनकी पत्नी ब्रिजिट मैक्रों एक विवाद को लेकर इन दिनों सुर्खियों में छाए हुए है। इसके अनुसार ब्रिजिट मैक्रों ने राष्ट्रपति को एक विदेशी दौरे के दौरान थप्पड़ मारा था। पत्रकार फ्लोरियन तारदिफ ने अपनी नई किताब एन ऑलमोस्ट परफेक्ट कपल में यह दावा किया है। इसके अनुसार ईरानी मूल की अभिनेत्री गोलशिफतेह फराहानी के साथ कथित संदेशों ने दंपति के बीच तनाव पैदा किया था। हालांकि फ्रांसीसी राष्ट्रपति कार्यालय और ब्रिजिट मैक्रों ने इन आरोपों को खारिज किया है और ईरानी अभिनेत्री ने रिश्ते की खबरों को गलत बताया है।
पत्रकार फ्लोरियन के इस दावे को पिछले साल वियतनाम यात्रा के दौरान विमान से उतरते समय वायरल हुए मैक्रों और उनकी पत्नी के वीडियो से जोड़कर देखा जा रहा है। किताब के अनुसार, मई में हुए इस दौरे से पहले मैक्रों और फराहानी के बीच संपर्क बना रहा। लेखक ने दावा किया कि यह रिश्ता केवल दोस्ताना स्तर का था, लेकिन इसी वजह से दंपति के बीच बहस हुई। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में ब्रिजिट मैक्रों को राष्ट्रपति की तरफ हाथ बढ़ाते देखा गया था। उस समय एलिसी पैलेस ने इसे मजाक पल बताया था। बाद में मैक्रों ने कहा था कि लोग इस घटना को जरूरत से ज्यादा महत्व दे रहे हैं और यह केवल नोकझोंक थी।
गोलशिफतेह फराहानी ईरानी और फ्रांसीसी अभिनेत्री हैं, जिन्होंने कई फिल्मों और वेब सीरीज में काम किया है। वह ईरान की इस्लामिक सरकार की आलोचक मानी जाती हैं और लंबे समय से फ्रांस में रह रही हैं। किताब में दावा किया गया कि मैक्रों ने अभिनेत्री की तारीफ करते हुए निजी संदेश भेजे थे। हालांकि फराहानी ने इन अफवाहों को खारिज करते हुए कहा था कि ऐसे दावे फैलाने वाले लोग अपने जीवन में प्रेम की कमी महसूस करते हैं। हालांकि अभिनेत्री के इस बयान के बाद भी सोशल मीडिया पर उनके और राष्ट्रपित मैक्रों के रिश्तों को लेकर चर्चा जारी रही थी।
विवाद ने फ्रांस में राष्ट्रपति की छवि को लेकर बहस शुरू कर दी है। कुछ राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि निजी जीवन से जुडे विवाद नेताओं की लोकप्रियता पर असर डाल सकते हैं, जबकि कई लोगों ने इसे सनसनीखेज चर्चा बताया है। वहीं किताब की लेखक फ्लोरियन तारदिफ का कहना है कि इसमें शामिल हर जानकारी तथ्यों पर आधारित है। दूसरी तरफ राष्ट्रपति कार्यालय का कहना है कि यह सभी कहानियां भ्रामक है।