
Macron on White House Shooting (Image: ANI)
Macron on White House Shooting: वॉशिंगटन डीसी में 'व्हाइट हाउस कॉरेस्पॉन्डेंट्स डिनर' के दौरान हुई फायरिंग की घटना पर दुनिया भर के नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए साफ शब्दों में कहा कि, ''लोकतंत्र में हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है।''
मैक्रों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रति अपनी एकजुटता जाहिर की और इस घटना को लोकतंत्र पर हमला बताया। मैक्रों के साथ-साथ NATO और यूरोपीय संघ के प्रमुखों ने भी इस सुरक्षा चूक पर चिंता जताई और ट्रंप के सुरक्षित होने पर राहत व्यक्त की है।
यह घटना उस समय हुई जब वॉशिंगटन के वाशिंगटन हिल्टन होटल में व्हाइट हाउस कॉरेस्पॉन्डेंट्स डिनर आयोजित हो रहा था। कार्यक्रम में राष्ट्रपति ट्रंप, फर्स्ट लेडी और उनके कैबिनेट के कई वरिष्ठ सदस्य मौजूद थे। इसी दौरान एक 31 वर्षीय संदिग्ध ने सुरक्षा चेकपॉइंट तोड़ने की कोशिश की और गोली चलने जैसी आवाजें सुनाई दीं।
यूएस सीक्रेट सर्विस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए संदिग्ध को काबू में कर लिया और राष्ट्रपति समेत सभी प्रमुख लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इस दौरान एक सुरक्षा अधिकारी घायल हो गया।
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह हमला अस्वीकार्य है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा कि लोकतंत्र में किसी भी प्रकार की हिंसा की कोई जगह नहीं है। मैक्रों ने राष्ट्रपति ट्रंप के प्रति समर्थन जताते हुए कहा कि वह इस मुश्किल समय में अमेरिका के साथ खड़े हैं।
इस घटना पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। मार्क रूटे (Mark Rutte) ने कहा कि वह इस हमले से स्तब्ध हैं और राहत की बात है कि राष्ट्रपति ट्रंप और अन्य मेहमान सुरक्षित हैं। उन्होंने इसे खुले और लोकतांत्रिक समाजों पर हमला बताया।
वहीं यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन (Ursula von der Leyen) ने भी ट्रंप से बात कर एकजुटता जताई। उन्होंने कहा कि राजनीतिक हिंसा का लोकतंत्र में कोई स्थान नहीं है।
घटना के बाद अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों ने तेजी से स्थिति को नियंत्रण में लिया। संदिग्ध को हिरासत में ले लिया गया है और उससे पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक, घटना की जांच कई एंगल से की जा रही है, ताकि हमले के पीछे की असली वजह का पता लगाया जा सके।
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या लोकतांत्रिक देशों में राजनीतिक नेताओं की सुरक्षा पर्याप्त है। दुनिया भर के नेताओं ने इस हमले को सिर्फ एक सुरक्षा चूक नहीं बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों पर हमला बताया है।
Published on:
26 Apr 2026 10:58 pm
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