Fuel Price Hike in Pakistan: पाकिस्तान में तेल की किल्लत के बीच ईंधन की कीमतों में करीब 55 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ोतरी हुई है, जिससे आम लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
Fuel Price Hike in Pakistan: पश्चिम एशिया में जारी संकट का असर अब पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था और आम लोगों की जिंदगी पर भी पड़ता दिख रहा है। एक रिपोर्ट के अनुसार देश में तेल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। पहले से आर्थिक संकट और महंगाई से जूझ रहे पाकिस्तान में रमजान के महीने के दौरान यह बढ़ोतरी आम परिवारों के लिए और ज्यादा परेशानी का कारण बन गई है।
पाकिस्तानी अखबार डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक ईंधन की कीमतों में करीब 55 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसका असर पूरे देश में दिखाई देने लगा है। परिवहन का खर्च बढ़ने से खाने-पीने की चीजों और रोजमर्रा के सामान की कीमतों में भी तेजी से इजाफा हो रहा है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि रमजान के दौरान आम तौर पर सरकारों से जरूरी वस्तुओं की कीमतों पर राहत की उम्मीद की जाती है, लेकिन मौजूदा हालात में तस्वीर इसके उलट नजर आ रही है। ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी का सबसे ज्यादा असर दिहाड़ी मजदूरों और गिग वर्कर्स पर पड़ रहा है, जिनकी आय पहले से ही सीमित और अनिश्चित है।
विशेषज्ञों के अनुसार पाकिस्तान की आयातित ईंधन पर भारी निर्भरता घरेलू कीमतों को अंतरराष्ट्रीय उतार-चढ़ाव के प्रति बेहद संवेदनशील बना देती है। ईंधन की कीमतों में वृद्धि का असर परिवहन, खाद्य पदार्थों और अन्य सेवाओं सहित लगभग हर क्षेत्र में देखने को मिलता है।
कीमतों में बढ़ोतरी की घोषणा के कुछ ही घंटों के भीतर कई शहरों में सार्वजनिक परिवहन का किराया बढ़ गया है। जो लोग रोजाना काम पर जाने के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट या मोटरसाइकिल पर निर्भर हैं, उनके दैनिक खर्च में भी इजाफा हो गया है।
ईद के करीब आते ही आमतौर पर बाजारों में खरीदारी बढ़ जाती है, लेकिन बढ़ती महंगाई के कारण कई परिवारों की खरीद क्षमता कम होती जा रही है। पेशावर और कराची जैसे बड़े शहरों में भी पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का असर साफ दिखाई दे रहा है।
रिपोर्ट के मुताबिक पेट्रोलियम डीलरों ने ईंधन की बिक्री में भी गिरावट दर्ज की है, क्योंकि बढ़ती कीमतों के कारण लोग खर्च कम करने की कोशिश कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर ईंधन की कीमतों में इसी तरह बढ़ोतरी जारी रही, तो पाकिस्तान में महंगाई का दबाव और बढ़ सकता है।