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जिनेवा में कूटनीति या युद्ध की उल्टी गिनती? अमेरिका-ईरान के दूसरे दौर की वार्ता से पहले तनाव

ईरान-अमेरिका परमाणु वार्ता का दूसरा दौर जिनेवा में होगा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कड़ी चेतावनी, सैन्य तैनाती, यूरेनियम संवर्धन पर मतभेद और इजराइल की मांगों के बीच बढ़ता तनाव।
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Feb 15, 2026
Donald Trump and Ali Khamenei
Donald Trump and Ali Khamenei (Photo - Times Of Israel's social media)

US-Iran talks: ईरान से तनाव के बीच अमेरिका ने बातचीत के रास्ते खुले हुए हैं। इसी कड़ी में तेहरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर दोनों देश अगले सप्ताह दूसरी दौर की वार्ता करेंगे। यह जानकारी स्विटजरलैंड की तरफ से भारतीय विदेश मंत्रालय ने शनिवार को दी थी। 6 फरवरी को ओमान की मेजबानी में हुई पहले दौर की अप्रत्यक्ष वार्ता हुई थी। इस बार अमेरिका और ईरान के बीच यह वार्ता जिनेवा में होगा। हालांकि स्विस विदेश मंत्रालय की तरफ से तारीख का उल्लेख नहीं किया गया है।

अमेरिका ने ईरान पर ऐसे बढ़ाया दबाव

डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में दुनिया का सबसे बड़ा विमानवाहक पोत यूएसएस जेराल्ड आर फोर्ड को कैरेबियन से मध्य पूर्व भेजकर दबाव बढ़ा दिया है। उन्होंने यह भी कहा था कि ईरान में सत्ता परिवर्तन “सबसे अच्छी बात” हो सकती है।

डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन का कहना है कि किसी भी समझौते के तहत ईरान को यूरेनियम संवर्धन की अनुमति नहीं दी जा सकती। तेहरान ने इस शर्त को मानने से इनकार किया है। ईरान का कहना है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है, हालांकि उसके अधिकारी समय-समय पर परमाणु हथियार की दिशा में बढ़ने की चेतावनी भी देते रहे हैं। जून के युद्ध से पहले ईरान 60% तक शुद्धता वाला यूरेनियम समृद्ध कर रहा था, जो हथियार-ग्रेड स्तर से थोड़ी ही तकनीकी दूरी पर है।

क्या चाहता है इजराइल?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में संकेत दिए है कि उनकी प्राथमिकता ईरान के परमाणु कार्यक्रम को सीमित करना है। वहीं, ईरान का कहना है कि वार्ता केवल परमाणु मुद्दे तक सीमित रहनी चाहिए। दूसरी तरफ इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू चाहते हैं कि किसी भी समझौते में ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम को निष्क्रिय करने और हमास तथा हिज़्बुल्लाह जैसे समूहों को मिलने वाले उसके समर्थन को समाप्त करने के प्रावधान भी शामिल हों।

क्या ट्रंप और खामेनेई की होगी मुलाकात?

ईरान से अविश्वास और टकराव की आशंका के बीच अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने एक बड़ा बयान सामने आया है। इसमें कहा गया है कि यदि मौका मिलता है तो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनेई से मिलने को तैयार होंगे। रुबियो ने कहा है कि मैं ऐसे राष्ट्रपति के साथ काम करता हूं, जो किसी से भी मिलने को तैयार हैं। उन्होंने कहा है कि यदि आयतुल्ला कल कहें कि वे राष्ट्रपति ट्रंप से मिलना चाहते हैं, तो वे मिलेंगे, इसलिए नहीं कि वे उनसे सहमत हैं, बल्कि इसलिए कि वे मानते हैं कि दुनिया की समस्याएं ऐसे ही सुलझती हैं।

Updated on:
15 Feb 2026 08:32 am
Published on:
15 Feb 2026 07:34 am