
इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को लेकर एक और बड़ा बयान दिया है। दोनों नेताओं के बीच बढे विवाद के बाद रिश्तों में आए खटास पर मेलोनी साफ कहा- कोई पछतावा नहीं है।
बता दें कि दोनों नेता एक समय में काफी करीबी माने जाते थे, लेकिन अब उनके बीच सार्वजनिक तौर पर तीखी बहस और हमले हो रहे हैं। नाटो समिट के बाद मेलोनी ने साफ कहा कि उन्होंने जो कुछ भी किया, उस पर उन्हें कोई पछतावा नहीं है।
अंकारा में नाटो समिट खत्म होने के बाद मेलोनी से जब पूछा गया कि क्या उन्हें ट्रंप के साथ बढ़े विवादों पर अफसोस है, तो उन्होंने सीधा जवाब दिया - नहीं, बिल्कुल नहीं।
बता दें कि ट्रंप ने हाल के महीनों में मेलोनी पर कई बार निशाना साधा है। सोशल मीडिया पर तो उन्होंने उनकी तस्वीर पोस्ट करके 'रोक लगाने वाले आदेश की जरूरत' जैसा कैप्शन भी लिख दिया था।
मेलोनी ने इस पर कोई प्रतिक्रिया देने से बचते हुए कहा कि वे पश्चिमी देशों की एकता पर विश्वास रखती हैं। ट्रंप की पहली खुली आलोचना अप्रैल में आई जब मेलोनी ने पोप लियो की आलोचना करने पर ट्रंप को जवाब दिया था।
मार्च में इटली ने अमेरिकी सैन्य विमानों को सिसिली के सिगोनेला एयर बेस पर उतरने की इजाजत नहीं दी थी। ये फैसले दोनों देशों के रिश्तों में दरार पैदा कर गए।
मेलोनी ने कहा कि ट्रंप के आने से पहले भी वे पश्चिमी एकता की नीति पर चल रही थीं। उन्होंने कहा- ये मेरी रणनीति नहीं, बल्कि मेरा विश्वास है। हालांकि उन्होंने माना कि दोनों के बीच जो हो रहा है, वो सब देख रहे हैं, लेकिन फिर भी कुछ मुद्दों पर दोनों की सोच मिलती है।
ट्रंप और मेलोनी आप्रवासन को कड़ी नजर से देखते हैं और जिसे मेलोनी 'वोक कल्चर' कहती हैं, उसके खिलाफ हैं। नाटो समिट में ट्रंप ने मेलोनी को 'नाइस पर्सन' कहा, लेकिन साथ ही ईरान पर हमलों में इटली के समर्थन की कमी पर फिर से नाराजगी जताई।
मेलोनी पिछले साल ट्रंप के शपथ ग्रहण समारोह में जाने वाली इकलौती यूरोपीय नेता थीं। उस समय उन्हें ट्रंप की सबसे करीबी यूरोपीय नेता माना जा रहा था। अब हालात पूरी तरह बदल गए हैं।